प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
Kotak Mahindra Bank Q4 Results: बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी कोटक महिंद्रा बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे पेश कर दिए हैं। शनिवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बैंक ने अपने मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। बैंक का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 5,423 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। अगर सिर्फ स्टैंडअलोन आधार पर बात करें, तो बैंक के मुनाफे में 13 फीसदी का उछाल आया है, जो अब 4,027 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 3,552 करोड़ रुपये था। बैंक की इस कामयाबी के पीछे प्रोविजनिंग में आई भारी कमी और एसेट क्वालिटी का बेहतर होना मुख्य वजह मानी जा रही है।
बैंक की ब्याज से होने वाली शुद्ध आय (NII) में भी सुधार देखा गया है। सालाना आधार पर इसमें 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 7,876 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि, अन्य आय के मामले में बैंक को मामूली गिरावट झेलनी पड़ी, जो 2 प्रतिशत घटकर 3,116 करोड़ रुपये रह गई। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) के मोर्चे पर बैंक के लिए मिली-जुली स्थिति रही।
पिछली तिमाही के मुकाबले मार्जिन में 13 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ और यह 4.67 प्रतिशत रहा, लेकिन अगर पिछले साल की चौथी तिमाही से तुलना करें, तो यह अब भी 30 बेसिस पॉइंट कम है। पिछले साल यह 4.97 प्रतिशत था। बैंक प्रबंधन का मानना है कि आने वाले समय में मार्जिन में गिरावट की रफ्तार धीमी होगी, क्योंकि साल की दूसरी छमाही में डिपॉजिट की कीमतों में बदलाव का असर दिखने लगेगा।
Also Read: रिसर्च और इनोवेशन में निवेश से आत्मनिर्भर बन सकेगा देश: उदय कोटक
कोटक महिंद्रा बैंक के लिए सबसे राहत की बात उसकी एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। बैंक के डूबे हुए कर्ज यानी ग्रॉस एनपीए (GNPA) में कमी आई है और यह अब घटकर 1.20 प्रतिशत पर आ गया है। वहीं, नेट एनपीए भी बेहतर होकर 0.25 प्रतिशत रह गया है। बैंक ने प्रोविजनिंग (संभावित नुकसान के लिए रखी जाने वाली रकम) में 43 प्रतिशत की बड़ी कटौती की है, जो बैंक की मजबूत वित्तीय सेहत की ओर इशारा करता है।
कर्ज बांटने यानी लोन ग्रोथ के मामले में भी बैंक ने आक्रामक रुख दिखाया है। बैंक का कुल एडवांस 16 प्रतिशत बढ़कर 5.14 ट्रिलियन रुपये हो गया है। खास बात यह है कि एसएमई (SME) सेगमेंट में 19 प्रतिशत और कॉर्पोरेट बुक में 22 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ देखी गई है। हालांकि, कॉर्पोरेट लोन में पिछली तिमाही के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। इस पर बैंक के होल-टाइम डायरेक्टर पारितोष कश्यप का कहना है कि साल के अंत में ब्याज दरें बढ़ जाती हैं, जिसकी वजह से कभी-कभी मार्जिन कम होने पर हम लोन कम कर देते हैं, लेकिन साल की शुरुआत में हम फिर से इसे कवर कर लेते हैं।
बैंक के एमडी और सीईओ अशोक वासवानी ने भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर खुलकर बात की। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इसका बैंक के पोर्टफोलियो पर कोई असर नहीं दिख रहा है, लेकिन बैंक बेहद सतर्क है। बैंक अपने ग्राहकों के व्यवहार पर बारीकी से नजर रख रहा है ताकि किसी भी तरह के अप्रत्याशित संकट (Second-order risks) से बचा जा सके।
नए अधिग्रहणों और विस्तार के सवाल पर वासवानी ने साफ किया कि कोटक महिंद्रा बैंक किसी भी डील को करने से पहले तीन पैमानों पर परखता है: क्या वह रणनीतिक रूप से सही है? क्या वह वित्तीय रूप से फायदेमंद है? और क्या वह मैनेजमेंट का ध्यान भटकाने वाला तो नहीं है? उन्होंने पुष्टि की कि ड्यूश बैंक के भारत के रिटेल पोर्टफोलियो को लेकर भी यही नियम लागू होंगे।
साथ ही, आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) की डील से पीछे हटने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि उसकी वैल्यूएशन बहुत ज्यादा थी और रणनीतिक रूप से वह इतना आकर्षक नहीं लग रहा था कि उसके लिए बड़ी कीमत चुकाई जाए। वर्तमान में बैंक की कुल जमा राशि 15 प्रतिशत बढ़कर 5.72 ट्रिलियन रुपये हो गई है, जो इसकी बाजार में मजबूत पकड़ को दर्शाती है।
(डिस्क्लेमर: कोटक परिवार के नियंत्रण वाली इकाइयों की बिज़नेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में महत्त्वपूर्ण हिस्सेदारी है।)