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विदेश यात्रा घटी तो लीला पैलेसेज को मिला बड़ा फायदा, घरेलू लग्जरी ट्रैवल में जबरदस्त उछाल

लीला पैलेसेज का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेश यात्राएं कम हुई हैं, जिससे भारत के प्रीमियम होटल और रिसॉर्ट्स में घरेलू मांग तेजी से बढ़ी है

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अनीका चटर्जी   
Last Updated- May 14, 2026 | 10:58 AM IST

लीला पैलेसेज, होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई के कारण भारत के लग्जरी हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की वृद्धि पर दांव लगा रही है। इस युद्ध ने वैश्विक अनिश्चितता पैदा कर दी हैं। कंपनी का मानना है कि देश के भीतर यात्रा की जोरदार मांग से होटलों में उपभोग और राजस्व वृद्धि में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

देश की इस लग्जरी होटल श्रृंखला के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी अनुराग भटनागर ने कहा कि भारत की घरेलू यात्रा की कहानी जोरदार चल रही है और यह विदेशी यात्रियों की संख्या में कमी की भरपाई कर रही है। इससे भारत के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी बाजार में भरोसा और बढ़ा है।

भटनागर ने कहा, ‘लगभग 15 से 17 प्रतिशत लोग लग्जरी चीजों के उपभोग की दौड़ में शामिल हो रहे हैं। लेकिन आपूर्ति केवल एक अंक में बढ़ रही है। इसलिए बुनियादी तौर पर हम हर साल नए ग्राहकों को जुड़ते देख रहे हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से जिन लोगों ने विदेश यात्राएं टाल दी थीं, उन्होंने अब देश के ही प्रीमियम पर्यटन गंतव्यों का रुख कर लिया है। भटनागर ने कहा कि अब कारोबार में घरेलू यात्रियों का हिस्सा बढ़ गया है।

पोर्टफोलियो में उपभोग का स्तर लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो पहले करीब 60 प्रतिशत था। इसमें घरेलू यात्रियों का बड़ा योगदान है। कंपनी में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मेहमानों के बीच आम तौर पर जो 50-50 का अनुपात रहता था, उसमें अब बदलाव आया है। हाल के महीनों में घरेलू उपभोग बढ़कर लगभग 60 से 65 प्रतिशत के दायरे में पहुंच गया है।

13,700 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण वाली इस कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि उनके पोर्टफोलियो में रहना भी काफी बढ़ गया है, जो रिसॉर्ट्स और सिटी होटलों दोनों ही जगहों पर लगातार बनी हुई मांग का संकेत है। अक्सर सप्ताहंत के साथ बार-बार छुट्टियां और उसी शहर में रुकना अब यात्रा के स्वरूप बन गए हैं। बेहतर बुनियादी ढांचे की मदद से इस चलन ने लग्जरी होटल श्रेणी को सकारात्मक रफ्तार दी है।

उन्होंने यह भी बताया कि कारोबार पर केंद्रित शहरी परिसंपत्तियों में भी सप्ताहांत में जबरदस्त मांग देखने को मिल रही थी। भोजन और पेय (एफऐंडबी) क्षेत्र विकास के अहम इंजन के रूप में उभरा है। लीला के होटलों और रिसॉर्ट्स के कुल राजस्व में एफऐंडबी की लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रहती है और यह युवा उपभोक्ताओं के लिए लग्जरी हॉस्पिटैलिटी का पहला पड़ाव भी है।

First Published : May 14, 2026 | 10:58 AM IST