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LIC क्यों ढूंढ रही है नए निवेश के रास्ते?

सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक , भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण सहित प्रमुख नियामकों के साथ बातचीत कर रही है

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भाषा   
Last Updated- June 08, 2026 | 8:03 AM IST

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने कहा कि उसके एन्युटी उत्पादों में निवेश लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनी को अपनी दीर्घकालिक देनदारियों के अनुरूप अधिक लंबी अवधि वाले निवेश माध्यमों या विकल्पों की जरूरत है। इस संबंध में सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक , भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण सहित प्रमुख नियामकों के साथ बातचीत कर रही है।

एलआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) व प्रबंध निदेशक आर दुरईस्वामी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि एन्युटी उत्पाद सेवानिवृत्ति कोष को गारंटी में बदलते हैं जिसमें लंबे समय तक आय मिलती है। जब कोई इसमें एकमुश्त राशि का निवेश करता है तो एलआईसी उसे जीवन भर के लिए पेंशन देती है। एलआईसी ने अपनी आवश्यकताओं से संबंधित सुझाव बीमा नियामक इरडा के अलावा आरबीआई और सेबी जैसे नियामकों के समक्ष भी रखे हैं। उनके अनुसार इरडा भी बाजार की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सक्रिय कदम उठा रहा है।

दुरईस्वामी ने कहा कि बीमा कंपनियां दीर्घकालिक कोष जुटाती हैं। इनका उपयोग अवसंरचना विकास और राष्ट्र निर्माण की परियोजनाओं को धन मुहैया कराने होता है। नियामकीय ढांचा भी अब इन आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित हो रहा है। इससे सभी पक्षों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आज एन्युटी विकल्पों में ज्यादा निवेश प्रवाह हो रहा है, ऐसे में हमें दीर्घावधि की देनदारियों के लिए लंबी अवधि के निवेश की जरूरत है।

First Published : June 8, 2026 | 8:03 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)