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LIC मुनाफा कमाने वाली टॉप फाइनेंशियल कंपनी, कॉरपोरेट सेक्टर में Vi नंबर-1

LIC ने चौथी तिमाही में ₹23,420 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जबकि SBI और HDFC Bank दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

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एजेंसियां   
Last Updated- May 24, 2026 | 12:07 PM IST

सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मार्च तिमाही में भारतीय फाइनें​शियल सेक्टर की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। कंपनी का शुद्ध लाभ 23,400 करोड़ रुपये से अधिक रहा। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (CPSEs) में भी LIC ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी का स्थान बरकरार रखा। वहीं, पूरे कॉरपोरेट सेक्टर की बात करें तो जनवरी-मार्च तिमाही में वोडाफोन आइडिया (Vi) सबसे अधिक तिमाही लाभ कमाने वाली कंपनी बन गई।

पिछले सप्ताह LIC ने मार्च तिमाही में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 23,420 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 19,013 करोड़ रुपये था।

टॉप-5 मुनाफा कमाने वाली कंपनियां

स्टॉक एक्सचेंज पर जारी फाइनें​शियल डाटा के अनुसार, LIC के बाद देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और दूसरा सबसे बड़ा बैंक HDFC Bank रहे, जिन्होंने चौथी तिमाही में क्रमशः 19,684 करोड़ रुपये और 19,221 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।

हालांकि वार्षिक लाभ के मामले में SBI ने LIC को पीछे छोड़ दिया। SBI ने वित्त वर्ष 2025-26 में 80,032 करोड़ रुपये का लाभ कमाया, जबकि LIC का वार्षिक लाभ 57,419 करोड़ रुपये रहा। इसी तरह HDFC Bank का लाभ 74,670 करोड़ रुपये रहा, जबकि ICICI Bank ने 50,147 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया।

IOC, Coal India भी शामिल

स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने चौथी तिमाही में 11,378 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इसके बाद कोल इंडिया ने 10,839 करोड़ रुपये, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) ने 8,598 करोड़ रुपये और NTPC ने 8,747 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।

अन्य CPSEs में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने 4,546 करोड़ रुपये, REC Ltd ने 3,375 करोड़ रुपये और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने 1,680 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया।

LIC: शेयर ने दिखाया दम

LIC के शानदार प्रदर्शन के एक दिन बाद, 23 मई को बीएसई पर कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में 5 प्रतिशत उछलकर 839 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। 31 मार्च 2026 तक LIC की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 57,29,396 करोड़ रुपये हो गई, जो 31 मार्च 2025 को 54,52,297 करोड़ रुपये थी। इस तरह इसमें सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

वर्ष के दौरान LIC की कुल प्रीमियम आय 10 प्रतिशत बढ़कर 54,52,297 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 54,52,297 करोड़ रुपये थी। वहीं समायोजित नेटवर्थ बढ़कर 1,69,605 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 1,20,258 करोड़ रुपये थी।

कॉरपोरेट सेक्टर Vi नंबर वन

पूरे कॉरपोरेट सेक्टर की बात करें तो जनवरी-मार्च तिमाही में वोडाफोन आइडिया (Vi) सबसे अधिक तिमाही लाभ कमाने वाली कंपनी बन गई। कंपनी ने 51,970 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जो लगभग छह वर्षों में उसका पहला लाभ था। यह मुख्य रूप से वैधानिक देनदारियों में राहत मिलने के कारण संभव हुआ।

इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) रही, जिसका शुद्ध लाभ 16,971 करोड़ रुपये रहा। हालांकि यह पिछले वर्ष की समान जनवरी-मार्च अवधि के 19,407 करोड़ रुपये से कम था।

First Published : May 24, 2026 | 11:36 AM IST