जीवन बीमा कंपनियों के नए बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) में सालाना आधार पर 5.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह पिछले साल अगस्त के बाद से सबसे धीमी वृद्धि थी। इसकी वजह सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की बीमा कंपनियों की सुस्त वृद्धि और समूह बीमा में कमजोर वृद्धि थी।
लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री ने सितंबर 2025 से दोहरे अंकों वाली अच्छी वृद्धि दर्ज की थी। इसमें जीवन बीमा उत्पादों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने में मदद मिली थी। उद्योग ने वित्त वर्ष 26 में पहली बार नए बिजनेस प्रीमियम में 4 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था।
जीवन बीमा परिषद के जारी आंकड़ों के अनुसार सरकारी कंपनी भारतीय जीवन बीमा के एनबीपी ने मई में सालाना आधार 3.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह 19,042.16 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि निजी बीमा कंपनियों ने 7.72 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12,988.68 करोड़ रुपये का प्रीमियम दर्ज किया। निजी बीमा कंपनियों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने एनबीपी में 13.88 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की और यह 1,602.64 करोड़ रुपये हो गया।