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Lithium-ion battery: 2025 तक डिमांड से पांच गुना ज्यादा होगा प्रोडक्शन, मगर बैटरी बनाने वाली कंपनियों को सता रही इस बात की चिंता…

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ओवरसप्लाई सबसे अधिक चीन में है, जहां निर्माण क्षमता दशक के बाकी हिस्सों के लिए वार्षिक बैटरी मांग से कम से कम 400% अधिक होगी।

Last Updated- June 12, 2024 | 4:31 PM IST
2025 तक डिमांड से पांच गुना ज्यादा होगा प्रोडक्शन, मगर बैटरी बनाने वाली कंपनियों को सता रही इस बात की चिंता…, By 2025, production will be five times more than demand, but battery manufacturing companies are worried about this

Lithium-ion battery: इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के कारण लिथियम-आयन बैटरियों (lithium-ion cells) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मैन्युफैक्चरर दुनिया भर में बैटरी बनाने की फैक्ट्रियां लगा रहे है। ऑटो कंपनियों और ईवी खरीदारों के लिए यह अच्छी खबर हैं मगर बैटरी उद्योग में कदम रखने वाली नई कंपनियों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है।

BloombergNEF ने अपनी एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि दुनिया भर में निर्माणाधीन बैटरी कारखानों की लहर ग्लोबल अर्थव्यवस्था की जरूरतों से कहीं अधिक बैटरी (Cells) का उत्पादन करने में सक्षम होगी।

बैटरी उद्योग में ओवरसप्लाई की चुनौती

BNEF के अनुसार, लिथियम-आयन बैटरियों की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि वाहन निर्माता अपने बेड़े को विद्युतीकृत (electrify) कर रहे हैं और पावर ग्रिड को सुचारु रूप से ऑपरेट करने के लिए बड़ी बैटरी स्थापित कर रहे हैं। लेकिन, निर्माताओं ने इतने सारे नए कारखानों की घोषणा की है कि शेष दशक में उनकी क्षमता मांग से अधिक हो जाएगी।

ब्लूमबर्ग एनईएफ (BNEF) के लेटेस्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल आउटलुक में अनुमान लगाया है कि 2025 के अंत तक, वैश्विक बैटरी उद्योग दुनिया को उस वर्ष की आवश्यकता की तुलना में पांच गुना से अधिक बैटरी का उत्पादन करने में सक्षम होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है, “यह वाहन निर्माताओं और ईवी खरीदारों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन बैटरी उद्योग में कदम रखने वाले नई कंपनियों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है।”

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चीन और अमेरिका में अत्यधिक उत्पादन

ओवरसप्लाई सबसे अधिक चीन में है, जहां निर्माण क्षमता दशक के बाकी हिस्सों के लिए वार्षिक बैटरी मांग से कम से कम 400% अधिक होगी। यह अमेरिका में भी एक समस्या है, जहां राष्ट्रपति जो बाइडन ने घरेलू बैटरी आपूर्ति श्रृंखला बनाने को अपने शीर्ष जलवायु और औद्योगिक प्राथमिकताओं में से एक बनाया है।

बैटरी निर्माताओं को लुभाने के प्रयासों के बीच, अमेरिकी प्रशासन ने पिछले साल तीन बैटरी कारखानों के निर्माण के लिए फोर्ड मोटर कंपनी को सशर्त 9.2 अरब डॉलर का ऋण देने की पेशकश की।

यूरोप में भी बैटरी क्षमता की अधिकता

यूरोप भी बैटरी क्षमता की अधिकता का सामना कर रहा है, फिर भी सरकारें और अधिक उत्पादन के लिए जोर दे रही हैं। स्वीडिश बैटरी निर्माता नॉर्थवोल्ट एबी (Nortvolt AB) जर्मनी में एक प्लांट का निर्माण कर रही है, लेकिन देश के अर्थव्यवस्था मंत्री रॉबर्ट हैबेक पहले से ही कंपनी को एक और प्लांट बनाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।

नई फैक्ट्रियों की योजनाओं में बदलाव की संभावना

BNEF में ऊर्जा भंडारण अनुसंधान की प्रमुख यायोई सेकाइन के अनुसार, ओवरकैपेसिटी के कारण दुनिया भर में कुछ योजनाबद्ध फैक्ट्रियों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, फोर्ड ने बैटरी चालित कारों और ट्रकों के प्राइस-वॉर का हवाला देते हुए अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन को बढ़ाने की योजनाओं में कमी की है। उन्होंने एक ईमेल में कहा, “यह अमेरिका सहित हर जगह एक समस्या होगी।”

बैटरी निर्माण में रासायनिक बदलाव

साथ ही, बैटरी निर्माण में उपयोग की जाने वाली रसायनों में बदलाव हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियां इलेक्ट्रिक कारों को पावर देने के लिए अधिक लोकप्रिय हो रही हैं, खासकर चीनी ऑटोमोबाइल निर्माताओं के बीच। इनके घटक मानक लिथियम-आयन बैटरियों से सस्ते हैं जो निकल, मैंगनीज और कोबाल्ट का उपयोग करते हैं, और यह बदलाव उन धातुओं की भविष्य की मांग को काफी हद तक कम कर सकता है। BNEF ने अगले साल बैटरी में उपयोग होने वाले निकल की मात्रा का अनुमान 25 फीसदी कम कर दिया है।

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First Published - June 12, 2024 | 4:31 PM IST

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