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Dabur India को नुकसान, सब्सिडियरी कंपनियों के खिलाफ मामले से टूटे शेयर

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कंपनी के शेयर आज यानी 19 अक्टूबर को 1.40 फीसदी की गिरावट के साथ 526.55 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहे हैं।

Last Updated- October 19, 2023 | 11:21 AM IST
Dabur

Dabur India Share Price : डाबर इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका और कनाडा में डाबर की 3 सब्सिडियरी के खिलाफ केस चल रहे हैं।

कंपनी ने जानकारी दी कि इन देशों में कस्टमर्स ने आरोप लगाया है कि डाबर के प्रोडक्ट में ऐसे कैमिकल मिलाए जा रहे हैं जिससे लोगों की हेल्थ पर नेगेटिव असर देखने को मिल सकता है।

इस खबर के आने से कंपनी के शेयर में बुधवार को एक फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी।  कंपनी के शेयर आज यानी 19 अक्टूबर को 1.40 फीसदी की गिरावट के साथ 526.55 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : FMCG की मांग पर असमान monsoon का असर, राजस्व वृद्धि धीमी रहने के आसार

कैंसर जैसी बिमारियों के होना का खतरा

बीएसई फाइलिंग के अनुसार, मामले मुकदमेबाजी के शुरुआती स्तर में हैं, और इसमें आरोप शामिल हैं कि हेयर-रिलैक्सर प्रोडक्ट में ऐसे कैमिकल्स होते हैं जो ओवरी कैंसर, यूटरिन कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

अमेरिका और कनाडा में फेडरल और स्टेट दोनों अदालतों में मामले दायर किए गए हैं

अमेरिका में फेडरल केस को बहु-जिला मुकदमेबाजी (MDL) के रूप में समेकित किया गया है।

यह भी पढ़ें :  Delta Corp को मिला 6,384 करोड़ रुपये GST चुकाने का नोटिस, 8.8 प्रतिशत टूटा शेयर

डाबर ने दी जानकारी

डाबर की सहायक कंपनियों Namaste, Dermoviva और DINTL ने इन आरोपों को खारिज किया है। साथ ही इन मुकदमों के खिलाफ खुद का बचाव करने के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व को हायर किया है।

कंपनी ने तर्क दिया है कि यह आरोप अधूरे और अनवेरिफाइड स्टडी पर आधारित हैं।

कंपनी को मिला था 321 करोड़ रुपये के GST नोटिस

तेल, साबुन जैसे दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली डाबर को 320.60 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (GST) का भुगतान करने का नोटिस मिला है। डाबर इंडिया ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी संबंधित प्राधिकरण के पास मामले को गुण-दोष के आधार पर चुनौती देगी।

कंपनी ने कहा, ‘डाबर को केंद्रीय जीएसटी (CGST) अधिनियम, 2017 की धारा 74(5) के तहत कर देनदारी के बारे में सूचना मिली है। इसमें जीएसटी के रूप में 320.60 करोड़ रुपये ब्याज और जुर्माने के साथ भुगतान करने की सलाह दी गयी है…ऐसा नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।’

हालांकि, डाबर ने यह साफ किया है कि जीएसटी की मांग से कंपनी की वित्तीय, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, ‘प्रभाव अंतिम कर देनदारी तक सीमित होगा…।’

 

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First Published - October 19, 2023 | 11:21 AM IST

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