Mahadev betting app case: डाबर समूह (Dabur group) के बर्मन परिवार ने अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी ऐप में किसी भी अपनी भूमिका से इनकार किया है। मुंबई पुलिस ने पिछले सप्ताह दायर एक शिकायत में बर्मन परिवार पर सट्टेबाजी वाली ऐप में शामिल होने का आरोप लगाया था।
परिवार के एक प्रवक्ता ने एफआईआर के पुलिस दस्तावेज़ का हवाला देते हुए कहा, “हमें ऐसी किसी एफआईआर पर कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, हमने एफआईआर देखी है जिसे मीडिया हाउसों में शेयर किया जा रहा है।”
प्रवक्ता ने कहा, “यह एफआईआर बिल्कुल झूठी और निराधार है। एफआईआर में जो गलत बताया गया है, उसके अलावा सच्चाई से आगे कुछ भी नहीं हो सकता है।”
इस मामले में 7 नवंबर को दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने महादेव ऐप (Mahadev App) के प्रमोटर समेत 32 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जुए की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने एफआईआर में बिजनेस ग्रुप के चेयरमैन मोहित बर्मन, ग्रुप के निदेशक गौरव बर्मन और अन्य को नामित किया है।
बर्मन परिवार के प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया में प्रसारित की जा रही एफआईआर की एक कॉपी में उन्होंने देखा कि मोहित और गौरव के सीधे तौर पर कुछ आरोपियों से संबंधित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा, ”मोहित बर्मन और गौरव बर्मन मीडिया में चुनिंदा रूप से प्रसारित की जा रही एफआईआर में उल्लिखित आरोपियों को जानते तक नहीं हैं या उनसे कभी मुलाकात नहीं की है।”
बयान में कहा गया, “दिलचस्प बात यह है कि एफआईआर ऐसे समय में आई है जब बर्मन परिवार रेलिगेयर एंटरप्राइजेज (Religare Enterprises) में अपनी मौजूदा 21.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बढ़ाने जा रहा है और सेबी टेकओवर कोड के तहत एक वैध खुली पेशकश शुरू की है।”
बयान के अनुसार , “यह एफआईआर बर्मन परिवार द्वारा रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के अधिग्रहण को रोकने के प्रयास में निहित स्वार्थों द्वारा उकसाया गया एक कदम है। बर्मन परिवार इन आरोपों से स्तब्ध है, जो पूरी तरह से गलत हैं। फिर भी, हम दृढ़ हैं कि हम रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के अधिग्रहण के साथ आगे बढ़ेंगे जैसा कि सोचा गया था।”