प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंएम) ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के दौरान कर के बाद समेकित लाभ में पिछले साल के मुकाबले 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह बढ़कर 4,668 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि कंपनी के राजस्व में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी की बदौलत हुई, जो बढ़कर 54,982 करोड़ रुपये हो गया। समूचे वित्त वर्ष के दौरान एमऐंडएम का राजस्व 25 प्रतिशत बढ़कर 1,98,639 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कर बाद लाभ (पीएटी) 32 प्रतिशत बढ़कर 17,099 करोड़ रुपये रहा। नतीजों के बाद बीएसई पर कंपनी के शेयर में 3.85 प्रतिशत की तेजी आई।
समूह के मुख्य कार्य अधिकारी और प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने कहा, ‘अपने सभी कारोबारों में जोरदार रफ्तार, मजबूत नींव और अनुशासित पूंजी आवंटन को देखते हुए हम अनिश्चित माहौल में भी वृद्धि को गति देने और उभरते अवसरों को हासिल करने के लिहाज से अच्छी स्थिति में हैं।’
वाहन कारोबार विकास के मुख्य चालक के रूप में उभरा। उसने बिक्री, बाजार हिस्सेदारी और मुनाफे में जोरदार बढ़त हासिल की। साथ ही अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो का भी विस्तार किया। इस वर्ष के दौरान एसयूवी की बिक्री 6,60,000 तक पहुंच गई और राजस्व की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 25.3 प्रतिशत हो गई, जिससे कंपनी की अग्रणी स्थिति और भी मज़बूत हुई। कृषि मशीनरी कारोबार ने घरेलू मांग के समर्थन से जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि वैश्विक बाजार कमजोर बने रहे। चौथी तिमाही में इस श्रेणी ने दमदार वृद्धि दर्ज की, जबकि मार्जिन मजबूत बना रहा। ट्रैक्टर श्रेणी का मार्जिन तिमाही के दौरान 20.54 प्रतिशत रहा।
परिसंपत्ति की गुणवत्ता और व्यवस्थित वृद्धि पर स्पष्ट रूप से जोर देने के साथ वित्तीय सेवाएं स्थिर रहीं। सेवा कारोबारों ने भी दमदार प्रदर्शन किया। चौथी तिमाही का समेकित राजस्व 12,147 करोड़ रु. रहा, जो 23 प्रतिशत अधिक है, जबकि कर बाद लाभ 64 प्रतिशत बढ़कर 1,348 करोड़ रु. हो गया। समूचे वित्त वर्ष 26 के दौरान राजस्व 17 प्रतिशत बढ़कर 43,698 करोड़ रु. हो गया और कर बाद लाभ 54 प्रतिशत बढ़कर 4,960 करोड़ रु. हो गया।
अनीश शाह ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) अब पूरे समूह में खासे परिणाम दे रही है और इसे मुख्य परिचालन में शामिल किया गया है। वाहन कारोबार में एआई-आधारित पहल से लगभग 4,100 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्राहक संतुष्टि में 2 से 3 प्रतिशत अंकों का सुधार और मॉडल विकास के समय में लगभग 10 प्रतिशत की कमी के आसार हैं।
कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी (वाहन और कृषि क्षेत्र) राजेश जेजुरिकर ने क्षमता विस्तार की व्यवस्थित लेकिन स्थिर योजना की रूपरेखा पेश की, जो कंपनी की मॉडल लाने की योजना और मांग के अनुमान के अनुरूप है। वाहन कारोबार ने वित्त वर्ष 25 का समापन लगभग 59,000 वाहनों की मासिक क्षमता के साथ किया। इस क्षमता को बढ़ाकर लगभग 64,500 वाहन किया गया है।