तेल एवं गैस, कपड़ा, रियल्टी जैसे क्षेत्रों में काम कर रही स्वान एनर्जी ने रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग का औपचारिक रूप से प्रबंधन नियंत्रण अपने जिम्मे ले लिया है। कंपनी ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत सफल बोलीदाता के रूप में उभरी थी।
बयान के अनुसार, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की तरफ से नियुक्त निगरानी समिति ने कर्जदाताओं की समिति की मंजूरी से कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण स्वान एनर्जी को सौंप दिया है।
स्वान एनर्जी ने अपने प्रबंध निदेशक निखिल मर्चेंट को कार्यकारी निदेशक और परेश मर्चेंट तथा भविक मर्चेंट को रिलायंस नेवल के निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में शामिल करते हुए एक निदेशक मंडल का गठन किया है। यह रिलायंस नेवल के संचालन के लिए शीर्ष प्रबंधन संरचना स्थापित करने की योजना को अंतिम रूप देगा।
स्वान एनर्जी की विशेष उद्देश्यीय इकाई हैजल इन्फ्रा ने रिलायंस नेवल के लिए 2,100 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। हैजल इन्फ्रा में स्वान एनर्जी की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी हैजल मर्केंटाइल के पास है।
इसमें स्वान एक रणनीतिक निवेशक है। रिलायंस नेवल के अधिग्रहण के साथ कंपनी पोत निर्माण, पोत मरम्मत आदि के क्षेत्र में दस्तक देने जा रही है।