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Acquisition: मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर ने कोर डायग्नोस्टिक्स को 246 करोड़ रुपये में पूरी तरह खरीदा, शेयरों में आई तेजी

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अधिग्रहण 60 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। सोमवार को मेट्रोपोलिस के शेयर बीएसई पर 2.4% बढ़ गए।

Last Updated- December 09, 2024 | 7:55 PM IST
Ameera Shah, Promoter And Executive Chairperson , Metropolis Healthcare Limited.
अमीरा शाह, प्रमोटर और एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन, मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड।

भारत की दूसरी सबसे बड़ी पैथोलॉजी लैब चेन मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर ने सोमवार को घोषणा की कि उसके बोर्ड ने दिल्ली-एनसीआर स्थित कैंसर डायग्नोस्टिक्स कंपनी कोर डायग्नोस्टिक्स का अधिग्रहण मंजूर कर लिया है। यह अधिग्रहण 246.8 करोड़ रुपये में किया जाएगा।

मेट्रोपोलिस 100% हिस्सेदारी अधिग्रहण करेगी। जिसमें 55% भुगतान नकद और 45% इक्विटी स्वैप के जरिए होगा। यह सौदा 246.8 करोड़ रुपये का है। कोर डायग्नोस्टिक्स ने वित्त वर्ष 2023-24 में 110 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया था।

मेट्रोपोलिस की वाइस चेयरपर्सन और प्रमोटर अमीरा शाह ने बताया कि यह सौदा कोर डायग्नोस्टिक्स के 2024-25 के अनुमानित रेवेन्यू के 1.6 गुना के मूल्य पर हुआ है। कोर ने H1FY25 (पहली छमाही) में 59 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया है और पूरे वित्त वर्ष में 120-122 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।

60 दिनों में पूरी होगी डील

मेट्रोपोलिस ने कहा कि इक्विटी जारी करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है। अधिग्रहण 60 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। सोमवार को मेट्रोपोलिस के शेयर बीएसई पर 2.4% बढ़ गए।

मेट्रोपोलिस के रेवेन्यू में बढ़ोतरी

मेट्रोपोलिस के कुल रेवेन्यू का 37% सुपर स्पेशलिटी टेस्ट से आता है। कोर के अधिग्रहण के बाद यह बढ़कर 41% हो जाएगा। अभी कैंसर टेस्ट मेट्रोपोलिस के रेवेन्यू में 4% का योगदान देते हैं, जो इस सौदे के बाद 10% तक पहुंच जाएगा। मेट्रोपोलिस ने FY24 में 1207 करोड़ रुपये और H1FY25 में 663 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया है।

कोर डायग्नोस्टिक्स, जिसे आर्टिमन वेंचर्स और एट रोड्स वेंचर्स जैसे प्राइवेट इक्विटी फर्मों का समर्थन प्राप्त है, पिछले तीन सालों में 22% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ी है। कोर को FY25 में कम मुनाफा हुआ है, और इसका EBITDA मार्जिन सिंगल डिजिट में है।

अमीरा शाह ने कहा कि सुपर स्पेशलाइज्ड टेस्ट पर ध्यान देने वाली लैब चेन आमतौर पर छोटी होती हैं। उन्होंने कहा, “हम कोर को अपनी कंपनी में शामिल करने के बाद रेवेन्यू और खर्चों में तालमेल बिठाकर मुनाफे (EBITDA) में सुधार करेंगे। 2025-26 में, अधिग्रहण के पहले पूरे साल में, हमारा लक्ष्य EBITDA को 13-14 गुना तक बढ़ाने का है।”

अमीरा शाह ने बताया कि अधिग्रहण के पहले साल में मेट्रोपोलिस और कोर दोनों अपने-अपने ब्रांड के तहत काम करेंगे। दूसरे साल से कोर को मेट्रोपोलिस का कैंसर टेस्टिंग ब्रांड बना दिया जाएगा।

2012 में स्थापित कोर डायग्नोस्टिक्स भारत के 200 शहरों में काम करता है। इसके पास आठ लैब, 200 लोकेशन पर टचपॉइंट और 1,200 अस्पतालों और मिड-साइज लैब्स के साथ नेटवर्क है। मेट्रोपोलिस की योजना है कि वह कोर के नेटवर्क में अपने टेस्ट्स की बिक्री करे।

शाह ने बताया कि कोर के पास 1,600-1,700 कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों का नेटवर्क है। मेट्रोपोलिस को इन डॉक्टरों तक सीधी पहुंच मिलेगी। अगर मेट्रोपोलिस को खुद ऐसा नेटवर्क बनाना पड़ता, तो इसमें 4-5 साल लगते। उन्होंने कहा, “हम अपने खुद के कैंसर टेस्ट तैयार कर सकते थे, लेकिन इसमें भी कई साल लगते। साथ ही, कोर की वजह से हमें उत्तर और पूर्व भारत में उसकी मजबूत पकड़ का फायदा मिलेगा।”

कोर डायग्नोस्टिक्स 1,300 से ज्यादा हाई-एंड टेस्ट्स करता है, जिनमें कैंसर पर मुख्य फोकस है। यह 6,000 से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टरों और 1,600 टॉप कैंसर विशेषज्ञों को सेवा देता है। इसके पास 350-400 कैंसर टेस्ट और 150 सुपर-स्पेशियलिटी कैंसर टेस्ट हैं। वहीं, मेट्रोपोलिस के 4,000 टेस्ट मेन्यू में 250 कैंसर टेस्ट शामिल हैं।

भारत में कैंसर टेस्टिंग की बढ़ती मांग

भारत में हर साल करीब 14 लाख नए कैंसर मामले और लगभग 10 लाख मौतें होती हैं। ऐसे में एडवांस कैंसर टेस्टिंग की बड़ी जरूरत है। शाह ने बताया कि 2023 से 2028 तक कैंसर टेस्टिंग की मांग 17.5% की दर से बढ़ने की उम्मीद है।

मेट्रोपोलिस और कोर डायग्नोस्टिक्स की साझेदारी से होगा बड़ा विस्तार

मेट्रोपोलिस के सीईओ सुरेंद्रन केमेनकोटिल ने कहा, “कोर का ज्यादातर रेवेन्यू उत्तर और पूर्व भारत से आता है। इस अधिग्रहण से हमें इन क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों से जुड़ने का मौका मिलेगा। हम मेट्रोपोलिस के व्यापक टेस्ट और सेवाओं को कोर के नेटवर्क में पेश कर सकेंगे, साथ ही अपने मौजूदा ग्राहकों को कोर के एडवांस्ड कैंसर टेस्ट भी उपलब्ध कराएंगे।”

कोर डायग्नोस्टिक्स के 500 कर्मचारी मेट्रोपोलिस की टीम में शामिल होंगे। इसके साथ ही, कोर के सीईओ दिनेश चौहान मेट्रोपोलिस के तहत कोर का नेतृत्व करना जारी रखेंगे।

दिनेश चौहान ने इस साझेदारी को “उत्साहजनक और खास” बताते हुए कहा, “कोर डायग्नोस्टिक्स की शुरुआत 2012 में जोया ब्रार के सपने से हुई थी। हमने एडवांस्ड कैंसर टेस्टिंग के क्षेत्र में एक मजबूत आधार तैयार किया है। अब मेट्रोपोलिस की विशेषज्ञता और पहुंच के साथ, हम स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव लाने और अधिक लोगों की मदद करने के लिए तैयार हैं।”

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First Published - December 9, 2024 | 7:55 PM IST

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