facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Oil & Gas Sector को लेकर आई Ministry की ‘बड़ी’ रिपोर्ट

Advertisement

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 से 2022 तक मुक्त क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति के 8 बड़े दौर में दिए गए 144 ब्लॉको में अन्वेषण में 1.37 अरब डॉलर का निवेश हुआ।

Last Updated- April 20, 2025 | 4:56 PM IST
OIl and Gas stocks
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत ने 2014 से पहले आयोजित नौ एनईएलपी बोली दौरों से 36 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आकर्षित किया है, और अब तक 177 तेल और गैस खोजें की हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति (NELP ) के तहत, अधिकतम खोज का वादा करने वाले बोलीदाताओं को ब्लॉक प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सरकार के साथ लाभ साझा करने से पहले खोजे गए और उत्पादित तेल और गैस से निवेश की वसूली करने की अनुमति मिल सके।

साल 2016 में, इसे राजस्व-साझाकरण मॉडल द्वारा प्रतिस्थापित किया गया, जहां ब्लॉक उन कंपनियों को दिए जाते हैं जो सरकार को उत्पादन का सबसे अधिक हिस्सा प्रदान करते हैं। साल 1999 और 2010 के बीच एनईएलपी के नौ बोली दौर में दिए गए 254 ब्लॉको ने अन्वेषण में 17.6 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जिसके परिणामस्वरूप 67 तेल और 110 गैस खोज की गईं। उनमें से कुछ खोजों के विकास में 18.64 अरब डॉलर का निवेश हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 से 2022 तक मुक्त क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी) के आठ बड़े दौर में दिए गए 144 ब्लॉको में अन्वेषण में 1.37 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जिससे छह तेल खोज और चार गैस खोज हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी साझेदार बीपी पीएलसी के पूर्वी अपतटीय केजी-डी6 ब्लॉक, जो देश में उत्पादित सभी प्राकृतिक गैस का एक-तिहाई उत्पादन करता है, के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के प्रमुख केजी-डीडब्ल्यूएन-98/2 (केजी-डी5) ब्लॉक को एनईएलपी दौर में आवंटित किया गया।

भारतीय अपस्ट्रीम क्षेत्र में कारोबारी सुगमता से संबंधित मुद्दों पर मंत्रालय द्वारा गठित संयुक्त कार्यसमूह की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि एनईएलपी ने अन्वेषण के अंतर्गत क्षेत्र को बढ़ाने और भारत के अन्वेषण और उत्पादन (ईएंडपी) क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद की है।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

गुवाहाटी में चाय नीलामी में बना रिकार्ड, 2024-25 में बिकी 17 करोड़ किलो चाय 

27,000 करोड़ से ज्यादा रहा BHEL का रेवेन्यू , 2 लाख करोड़ की है ऑर्डर बुक

 

गजब है Reliance! Russia से खरीदा सस्ता Crude Oil, प्रोसेस कर बेचा US को, कमाई? सालभर में 6850 करोड़

 

Trump Tariff से Global Crude कीमतों में भारी उथल-पुथल की आशंका, लेकिन भारत कमाएगा करोड़ों-अरबों

 

Advertisement
First Published - April 20, 2025 | 4:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement