कंपनियां

AI, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तनाव से बदल रही दुनिया, Tata चेयरमैन का बड़ा बयान

टाटा कंज्यूमर के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, जलवायु परिवर्तन और भारत की आर्थिक संभावनाओं पर विस्तार से अपनी राय रखी

Published by
शार्लीन डिसूजा   
Last Updated- June 11, 2026 | 8:24 AM IST

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीसीपीएल) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज कंपनी की सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों से कहा कि भू-राजनीतिक बदलावों, आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन, ऊर्जा परिवर्तन, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में तीव्र प्रगति और जलवायु संबंधी घटनाओं से दुनिया बदल रही है। उन्होंने कहा कि इस माहौल में कारोबार मजबूती, उत्पादकता और विश्वास-आधारित निर्णयों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

टीसीपीएल उत्पाद विकास चक्र में तेजी लाने, उभरते उपभोक्ता रुझानों को पकड़ने, मांग का पूर्वानुमान लगाने, आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एआई का फायदा उठा रही है। उन्होंने शेयरधारकों को अपने संबोधन में कहा कि साल की शुरुआत भारत-ईयू व्यापार समझौते और अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार करार जैसी सकारात्मक घटनाओं के साथ हुई। लेकिन मार्च की शुरुआत में पश्चिम एशिया संकट ने गिरते उत्पादन के साथ बढ़ती मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं।

चंद्रशेखरन ने एजीएम में कहा, ‘भारत अपनी आबादी की ताकत, विस्तृत हो रहे डिजिटल बुनियादी ढांचे और बढ़ती आकांक्षाओं की अगुआई में सबसे तेजी से वृद्धि करती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। वह लगातार दमदार वृद्धि और विशाल बाजार मुहैया करा रहा है।’

घरेलू उपभोग के तौर-तरीकों के बारे में उन्होंने कहा कि वे विकसित हो रहे हैं। जीवनशैली में बदलाव, नए खुदरा प्रारूप और डिजिटल कॉमर्स से भारतीयों के खरीदारी और उपभोग के तरीके बदल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह उन कंपनियों के लिए महत्त्वपूर्ण अवसर है जो उपभोक्ता-प्रथम सोच को चुस्त नवाचार, उत्कृष्ट निष्पादन और भरोसेमंद ब्रांड के साथ जोड़ सकती हैं।’

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि टीसीपीएल ने चाय और नमक के कारोबार से बहु-श्रेणी वाली एफएमसीजी कंपनी के रूप में अपना विकास पूरा कर लिया है। इस क्षेत्र में नए बिक्री चैनल नजर आ रहे हैं, जिसका नेतृत्व क्विक कॉमर्स के तेज विस्तार से हो रहा है, जो लगातार पारंपरिक खुदरा को पीछे छोड़ रहा है। टीसीपीएल ने देखा है कि नए चैनल अब उसके भारतीय कारोबार में 35 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी करते हैं। हालांकि चंद्रशेखरन ने कहा कि पारंपरिक खुदरा बिक्री उसके गो-टु-मार्केट प्रयासों का आधार बनी हुई है।

भारत में स्टारबक्स की विस्तार योजनाओं के बारे में चंद्रशेखरन ने निवेशकों को बताया कि इस कॉफी श्रृंखला के 502 स्टोर हैं और उसकी प्रति वर्ष लगभग 50 से 100 स्टोर जोड़ने की योजना है।

 

First Published : June 11, 2026 | 8:24 AM IST