न्यूक्लियस साफ्टवेयर ने 31 मार्च 2009 को समाप्त चौथी तिमाही में 9.60 करोड़ रुप्ए का शुध्द लाभ कमाया, जो पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है। आलोच्य तिमाही में कंपनी की आय 10.01 प्रतिशत बढ़कर 85.81 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल की चौथी तिमाही में कंपनी ने 78 करोड़ रुपये […]
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बॉश लिमिटेड का साल की पहली तिमाही में कर चुकाने के बाद बचा शुध्द मुनाफा 69 फीसदी गिरकर 49.38 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की इस अवधि में उसे 161.72 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। पिछली तिमाही की तुलना में शुध्द लाभ में 48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही […]
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फिल्म निर्माताओं और मल्टीप्लेक्स मालिकों के बीच कमाई के बंटवारे को लेकर छिड़ी जंग शांत होने का नाम नहीं ले रही है। फिल्म निर्माता इसे इंसाफ की लड़ाई बता रहे हैं तो मल्टीप्लेक्स मालिक कह रहे हैं कि हिस्सेदारी देना संभव नहीं। नतीजा यह है कि मल्टीप्लेक्स खाली हैं और वहां कार्यरत कर्मचारियों की नौकरियों […]
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मल्टीप्लेक्स मालिकों और फिल्म निर्माता-वितरकों के बीच जारी गतिरोध के कारण हिंदी फिल्में मल्टीप्लेक्स में रिलीज नहीं हुई। इससे मराठी फिल्मों को मल्टीप्लेक्स में अच्छी ओपनिंग मिली। मराठी फिल्म मी शिवाजी राजे भोसले बोलतोय दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रही। इससे कुछ हद तक मल्टीप्लेक्सों का घाटा नहीं बढ़ा। दूसरी ओर भोजपुरी फिल्मों […]
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हिंदी फिल्म निर्माताओं, वितरकों और मल्टीप्लेक्स मालिकों के बीच चल रहे विवाद से नुकसान सभी का हो रहा है। इस विवाद के कारण मल्टीप्लेक्स में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटकने लगी है। मल्टीप्लेक्स की कमाई कम होने और खर्च की भरपाई करने के लिए कुछ मल्टीप्लेक्स सिनेमा कंपनियों ने करीब 30 […]
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फिल्म निर्माताओं और मल्टीप्लेक्स मालिकों के बीच कमाई के बंटवारे को लेकर छिड़ी जंग शांत होने का नाम नहीं ले रही है। फिल्म निर्माता इसे इंसाफ की लड़ाई बता रहे हैं तो मल्टीप्लेक्स मालिक कह रहे हैं कि हिस्सेदारी देना संभव नहीं। नतीजा यह है कि मल्टीप्लेक्स खाली हैं और वहां कार्यरत कर्मचारियों की नौकरियों […]
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मौजूदा वैश्विक मंदी के माहौल में विदेशी उच्चायोग और दूतावासों ने भारत में बिजनेस स्कूलों के साथ शैक्षिक गठजोड़ की संभावना तलाशनी तेज कर दी है। संस्थानों का कहना है कि मंदी ने कई विदेशी अर्थव्यवस्थाओं के मूल्य में गिरावट आई है वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति इस मामले में तुलनात्मक रूप से काफी हद […]
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भारत की बड़ी दवाई कंपनियां रैनबैक्सी, डॉ. रेड्डीज लैब. और ल्यूपिन जो कल तक घरेलू बाजार में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में शामिल थीं, आज मंदी के दलदल से बाहर निकलने के लिए एक दूसरे का हाथ थामने को तैयार हैं। विश्व बाजार में बढ़ती चुनौतियं, घटते मार्जिन और लागत में इजाफा की […]
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आर्थिक मंदी के चलते वित्त वर्ष 2009-10 के दौरान देश के कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह की वृद्धि दर काफी कम (महज 5-7 फीसदी) रहने का अनुमान है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। यही नहीं, इस लक्ष्य को भी पाने के लिए राजस्व विभाग ने कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें स्रोत […]
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रैनबैक्सी लैबोरेट्रीज यूरोपीय बाजार में अपने कारोबार को कम करने की योजना बना रही है। कंपनी की यह योजना मुनाफा कमाने के चलते बनाई गई है। विश्व के तीसरे सबसे बड़े दवा बाजार में कीमतों के बढ़ते दबाव के कारण ब्रिटेन और जर्मनी सरीखे देशों में कुछ दवाओं की बिक्री पर मुनाफा घट गया है, […]
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