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IPO के लिए दबाव नहीं, AI का इस्तेमाल बढ़ाया : फोनपे

एआई पर जोर ऐसे समय दिया जा रहा है, जब फोनपे ने वित्त वर्ष 2025 में अपने परिचालन से 7,631 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है

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पीरज़ादा अबरार   
Last Updated- April 13, 2026 | 11:07 PM IST

करीब 65 करोड़ पंजीकृत यूज़र्स वाला भारत का सबसे बड़ा पेमेंट्स प्लेटफॉर्म फोनपे अपने परिचालन के हर हिस्से-कस्टमर सपोर्ट से लेकर अनुपालन तक- में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस को शामिल कर रहा है। यह सब तब हो रहा है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण बाजार में आई उथल-पुथल से उसका बहुप्रतीक्षित आईपीओ अभी रुका हुआ है।

कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी राहुल चारी के अनुसार बेंगलूरु की फिनटेक कंपनी, जिसमें वॉलमार्ट की बहुलांश हिस्सेदारी है, ने इंजीनियरिंग, बिजनेस और कंपनी के कामकाज में 200 से अधिक एआई एजेंट तैनात किए हैं। लिहाजा, कुछ विभागों में रोजाना के कामकाज का आधा हिस्सा स्वचालित हो गया है। उन्होंने बताया कि कोड बनाने में पहले चार से पांच दिन लगते थे। लेकिन अब लगभग 15 मिनट लगते हैं।

एआई पर जोर ऐसे समय दिया जा रहा है, जब फोनपे ने वित्त वर्ष 2025 में अपने परिचालन से 7,631 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह वित्त वर्ष 2023 के आंकड़े से दोगुना से भी ज्यादा है। उसका समायोजित एबिटा मार्जिन भी सकारात्मक हो गया है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी का पेमेंट्स आधारित मॉडल अपने विस्तार के अगले चरण के लिए जरूरी आंतरिक पूंजी जुटा रहा है।

फोनपे ने अपना अपडेटेड आईपीओ प्रॉस्पेक्टस जमा कराने के कुछ ही हफ्तों बाद भारत की सबसे बहुप्रतीक्षित पब्लिक लिस्टिंग में से एक को रोक दिया। इसकी वजह पश्चिम एशिया संघर्ष था जिससे भारत के बेंचमार्क इंडेक्स कमज़ोर पड़ गए। कंपनी को 1.5 अरब डॉलर के आईपीओ के लिए सेबी से मंजूरी मिल गई थी। इससे इस फिनटेक कंपनी का मूल्यांकन करीब 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

चारी ने आईपीओ को पूंजी जुटाने का महज जरिया मानने के बजाय बड़ा पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही फ़्री-कैश जेनरेट कर रही है और अब सार्वजनिक रू प से सूचीबद्ध व स्वतंत्र रूप से संचालित फर्म बनना चाहती है। उन्होंने कहा कि फोनपे इस लिस्टिंग के ज़रिए कोई भी प्राथमिक पूंजी नहीं जुटा रही है।

चारी ने कहा कि कंपनी पर आईपीओ लाने का कोई दबाव नहीं है और उन घटनाओं की वजह से इसे टालना समझदारी भरा कदम है जो हमारे नियंत्रण के बाहर थीं। उन्होंने कहा कि जैसे ही हालात बेहतर होंगे, फोनपे बाजार में आ जाएगी।

First Published : April 13, 2026 | 10:41 PM IST