एडटेक फर्म Byju’s के कर्मचारियों पर एक बार फिर से छंटनी के बादल मंडरा रहे है। कंपनी के भारत के नए सीईओ अर्जुन मोहन ने बड़े पैमाने पर कंपनी में रीस्ट्रक्चरिंग की कवायद शुरू कर दी है।
Byju’s आने वाले हफ्तों में लगभग 4,000 एम्प्लॉयीज को कंपनी से बाहर निकाल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, एडटेक फर्म को फंडिंग संकट का सामना करना पड़ रहा है, ऋणदाताओं से जूझना पड़ रहा है, जिसके चलते कंपनी यह फैसला लेने जा रही है। बता दें कि बेंगलुरु स्थित कंपनी में लगभग 35,000 कर्मचारी काम करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पुनर्गठन की कवायद अर्जुन मोहन द्वारा की जाएगी, जिन्हें हाल ही में मृणाल मोहित (Mrinal Mohit) की जगह भारतीय कारोबार का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाया गया है।
अर्जुन मोहन, जो कभी कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर थे, पिछले तीन महीने संस्थापक और समूह सीईओ Byju रवींद्रन के साथ काम करने के लिए लौट आए। बायजू के अलावा, मोहन ने रोनी स्क्रूवाला के नेतृत्व वाली एडटेक फर्म अपग्रेड में काम किया।
Byju’s के प्रवक्ता ने प्रभावित होने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या बताने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि कंपनी रीस्ट्रक्चरिंग एक्सरसाइज की फाइनल स्टेज में है।
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किन पर पड़ेगा असर?
मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन नौकरियों में कटौती से बायजू का संचालन करने वाली इकाई थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के भारत स्थित कर्मचारियों पर असर पड़ने की उम्मीद है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें आकाश शामिल नहीं होगा।
अगस्त में भी हुई थी छंटनी
एडटेक दिग्गज बैजूस (Byju’s) ने कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर 100 कर्मचारियों की छंटनी की थी। हालांकि, एक खबर के मुताबिक, एडटेक दिग्गज ने करीब 400 लोगों को नौकरी से निकाला था।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया था कि छंटनी पोस्ट-सेल विभाग में की गई थी। बैजूस के एक प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि भी की थी।
बैजूस के प्रवक्ता ने कहा, ‘प्रदर्शन की आवधिक समीक्षा के आधार पर वैसे 100 कर्मचारी जो परफॉर्मेंस इंप्रूवमेंट प्लान (पीआईपी) के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे उन्हें उचित प्रक्रियाओं के बाद कंपनी ने नौकरी से हटा दिया।’
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इससे पहले करीब 1 हजार कर्मचारियों को भी निकाल चुकी है कंपनी
खबरों के अनुसार, इस साल की शुरुआत में बैजूस ने छंटनी के दौर में 900 से 1 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। हालांकि कंपनी के सूत्रों ने कहा कि यह कदम लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा था, जिसकी घोषणा कंपनी ने पिछले साल ही थी। इसमें 2,500 कर्मचारियों को सेवामुक्त करना था।
पिछले साल बैजूस ने अपने समूह की कंपनी- व्हाइटहैट जूनियर और टॉपर के करीब 600 कर्मचारियों को हटा दिया था। इसे लागत कम करने के तौर पर बताया गया था।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एडटेक दिग्गज कंपनी ने अपने मानव संसाधन विभाग के कार्यों को बदलने के लिए इन्फोसिस के अनुभवी एचआर प्रमुख रहे रिचर्ड लोबो को विशेष सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। यह रणनीतिक कदम अपनी कर्मचारी-केंद्रित संस्कृति को मजबूत करने की बैजूस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।