भारती समूह द्वारा समर्थित वनवेब ने स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन किया है और उसे उम्मीद है कि रेडियो तरंगों का शीघ्र आवंटन हो जाएगा। ह्यूजेस कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट (एचसीआईपीएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिवाजी चटर्जी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी को इस साल जून तक वाणिज्यिक उपग्रह संचार सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
एचसीआईपीएल और वनवेब ने पूरे भारत में ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ (एलईओ) संपर्क सेवाएं मुहैया कराने के लिए एक छह वर्षीय वितरण भागीदार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। चटर्जी ने कहा कि वनवेब को भारत में शुरुआती बढ़त हासिल होगी, क्योंकि भारत में उसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां अभी विकास के विभिन्न चरण में हैं।
वनवेब ने स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए दूरसंचार विभाग की वायरलेस योजना एवं समन्वय शाखा (डब्ल्यूपीसी) के पास आवेदन किया है। चटर्जी ने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटित होने के बाद वनवेब वाणिज्यिक सेवाएं शुरू कर सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि वनवेब 2024 की पहली छमाही में वाणिज्यिक सेवा शुरू करने में सक्षम हो सकेगी। चटर्जी ने कहा कि वनवेब कम आबादी वाले गांवों की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थिति में है।
उन्होंने कहा कि ईलॉन मस्क के स्वामित्व वाली स्टारलिंक जैसी ‘डायरेक्ट-टू-मोबाइल’ सेवा मुहैया कराने की वनवेब की कोई योजना नहीं है, क्योंकि यह तकनीक अभी विकसित हो रही है और परिपक्व नहीं है।