सरकारी तेल और गैस कंपनी ओएनजीसी का मार्च तिमाही का नतीजा मिला-जुला रहा। कंपनी का मुनाफा घटा है, लेकिन कमाई बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में ओएनजीसी का शुद्ध लाभ 20.6 प्रतिशत गिरकर 6,650 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 8,371 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर 35,928 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 31,547 करोड़ रुपये थी।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का कुल शुद्ध लाभ 32,894 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 7.6 प्रतिशत कम है। पिछले साल कंपनी ने 35,610 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। ओएनजीसी को खोजी कुओं पर बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा। कंपनी ने मार्च तिमाही में 4,876 करोड़ रुपये का खर्च लिखकर हटाया, क्योंकि जिन जगहों पर ड्रिलिंग की गई वहां तेल या गैस का व्यावसायिक भंडार नहीं मिला। पिछले साल इसी तिमाही में यह नुकसान 4,173 करोड़ रुपये था। वहीं पूरे साल में ऐसे खर्च का आंकड़ा बढ़कर 8,235 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कंपनी ने गुजरात मेरीटाइम बोर्ड के साथ मिलकर दाहेज में 5 एमएमटीपीए क्षमता वाला लिक्विड पोर्ट बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा ओएनजीसी ने ओएनजीसी नाइल गंगा के लिए 325 मिलियन डॉलर की गारंटी को भी मंजूरी दी है।
ओएनजीसी ने अपने निवेशकों के लिए 1 रुपये प्रति शेयर अंतिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि यह 5 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 20 प्रतिशत की दर से दिया जाएगा। हालांकि, इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है।
मंगलवार, 26 मई को ओएनजीसी का शेयर 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 287.50 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में शेयर ने 289.65 रुपये का ऊपरी स्तर और 284.50 रुपये का निचला स्तर छुआ। कंपनी का 52 हफ्ते का हाई 307.50 रुपये और लो 228.80 रुपये रहा है।