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ऑर्गेनान अधिग्रहण से सन फार्मा को 140 बाजारों में सीधी पहुंच, वैश्विक विस्तार को मिलेगी रफ्तार

सन फार्मा के प्रबंधन ने कहा कि निश्चित रूप से सौदा पूरा होने के बाद ही ऋण से जुड़ी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होगी। यह सौदा 7 से 9 महीनों के बीच पूरा हो जाने की उम्मीद है।

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सोहिनी दास   
Last Updated- April 30, 2026 | 8:33 AM IST

सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ऑर्गेनान ऐंड कंपनी के प्रस्तावित अधिग्रहण को प्लेटफॉर्म-आधारित विस्तार के तौर पर पेश कर रही है। इसका मकसद अपने वैश्विक विस्तार को और अधिक व्यापक बनाना और एक ऐसा ‘इन-लाइसेंसिंग इंजन’ तैयार करना है जिसे आसानी से बढ़ाया जा सके। इसके लिए कंपनी ऑर्गेनान के 140 बाजारों में मौजूद कमर्शियल नेटवर्क का लाभ उठाएगी, ताकि अपनी वृद्धि को रफ्तार दे सके और लंबे समय के लिए अपनी कार्य-क्षमता में सुधार कर सके।

इस रणनीति का मुख्य आधार इस पहले से स्थापित फ्रंट-एंड का उपयोग करने की क्षमता है, जिसे स्वाभाविक रूप से तैयार करने में वर्षों लग जाते ताकि उन क्षेत्रों में विस्तार किया जा सके जहां अभी तक पूरी तरह से पहुंच नहीं बन पाई है और साथ ही नए तथा लाइसेंस प्राप्त उत्पादों को पेश करने के लिए तैयार मंच भी उपलब्ध हो सके।

इलारा सिक्योरिटीज के अनुसार इस सौदे से सन की वैश्विक व्यावसायिक क्षमताओं को काफी मजबूती मिली है। 24,000 से ज्यादा सदस्यों वाली फ्रंट-एंड टीम और कई बड़े बाजारों में मौजूदगी के साथ, कंपनी की वैश्विक इन-लाइसेंसिंग अवसरों के लिए पसंदीदा पार्टनर के तौर पर उभरने की क्षमता बढ़ गई है।

अधिग्रहण के बाद, सन फार्मा का भौगोलिक स्वरूप काफी हद तक संतुलित वैश्विक प्रोफाइल की ओर केंद्रित हो गया है। इस समय में कंपनी का करीब 33 फीसदी राजस्व भारत से, 31 फीसदी अमेरिका, 18 फीसदी शेष उभरते बाजारों और 14 फीसदी शेष दुनिया से आता है। संयुक्त इकाई में, भारत का हिस्सा घटकर 17 प्रतिशत और अमेरिका का 27 प्रतिशत रह जाएगा, जबकि उभरते बाजारों (ईएम) का 29 प्रतिशत और बाकी दुनिया व अन्य का 28 प्रतिशत हो जाएगा, जो किसी एक भौगोलिक क्षेत्र पर निर्भरता में आ रही कमी बताता है।

अधिग्रहण के बाद कर्ज घटाने पर दांव

सन फार्मा ने ऑर्गेनान के 11.75 अरब डॉलर के प्रस्तावित अधिग्रहण के बाद अपनी वित्तीय रणनीति का मुख्य दांव ‘डिलीवरेजिंग’ यानी कर्ज कम करने पर लगाया है। इस सौदे को ‘ब्रिज फाइनैंसिंग’ के जरिया किया गया है। कंपनी को उम्मीद है कि वह इस ऋण सुविधा को 18 महीने की समय-सीमा के अंदर दीर्घावधि ऋण में बदल लेगी। कंपनी सौदे का एक हिस्सा आंतरिक नकदी प्रवाह से देगी।

इस बड़ी दवा कंपनी ने अधिग्रहण के लिए शुरुआती फंडिंग जुटाने के लिए बैंकों से ‘ब्रिज फैसिलिटी’ के रूप में ऋण लिया है। यह लोन तत्काल फंडिंग की जरूरतों और लंबी अवधि की फंडिंग की कमी दूर करता है। सीएफओ जयश्री सदगोपन ने कहा, ‘हमने बैंकों के साथ करार किया है। ये आमतौर पर ब्रिज लोन के रूप में होते हैं और बाद में इनकी जगह लंबी अवधि के ऋण ले लेंगे।’

उन्होंने कहा कि अधिग्रहण पूरा होने की समय-सीमा और बाजार हालात के आधार पर ऋण की री-फाइनैंसिंग 18 महीने तक चलने वाली ब्रिज लोन सुविधा की अवधि से पहले भी हो सकती है। ब्रिज लोन 18 महीने के लिए है। लेनदेन पूरा होने के बाद सन फार्मा इसके साथ-साथ पुनर्वित्त और एकीकरण की योजना पर भी काम कर रही है, जिसमें ब्रिज फाइनैंसिंग को लंबी अवधि के ऋण में स्थानांतरित करना और साथ ही साथ कर्ज कम करना शामिल है। प्रबंधन ने संकेत दिया है कि संभव होगा तो 18 महीने की समय सीमा से पहले ही पुनर्वित्त को काम पूरा किया जा सकता है।

सौदे के संबंध में प्रतिबद्धताएं

11.75 अरब डॉलर के इस सौदे के तहत सन फार्मा ऑर्गेनान के शेयरधारकों को लगभग 3.9 अरब डॉलर का इक्विटी भुगतान करेगी। शेष राशि ऋण और आंतरिक स्रोतों के माध्यम से जुटाई जाएगी। सन फार्मा के आंतरिक नकदी प्रवाह से लगभग 2-2.5 अरब डॉलर इसमें लगाए जाएंगे, जिसे अतिरिक्त बैंक वित्त से मदद मिलेगी। ऑर्गेनान का लगभग 7.6 अरब डॉलर का शुद्ध ऋण सौदा पूरा होने के बाद सन फार्मा की बैलेंस शीट में आ जाएगा।

सन फार्मा के प्रबंधन ने कहा कि निश्चित रूप से सौदा पूरा होने के बाद ही ऋण से जुड़ी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होगी। यह सौदा 7 से 9 महीनों के बीच पूरा हो जाने की उम्मीद है जो नियामकीय और शेयरधारकों की मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

First Published : April 30, 2026 | 8:33 AM IST