facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Patel Engineering तथा उसके जॉइंट वेंचर को महाराष्ट्र में 343 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का मिला ठेका कॉन्ट्रैक्ट

मुंबई स्थित इंजीनियरिंग, खरीद व निर्माण कंपनी की जलविद्युत और बांध परियोजनाओं के लिए सुरंगों तथा भूमिगत कार्यों में मजबूत उपस्थिति है।

Last Updated- May 09, 2024 | 1:22 PM IST
money
Representative Image

बुनियादी ढांचा कंपनी पटेल इंजीनियरिंग तथा उसके संयुक्त उद्यम साझेदार को महाराष्ट्र में 342.76 करोड़ रुपये की भूजल निकालने की परियोजना का ठेका मिला है। इन्होंने परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाई। इसका काम 24 महीने के भीतर पूरा किया जाना है।

परियोजना महाराष्ट्र राज्य में स्थित है। परियोजना को एक संयुक्त उद्यम के जरिए पूरा किया जाएगा। इसमें पटेल इंजीनियरिंग की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि महाराष्ट्र सरकार के कार्यकारी अभियंता कार्यालय ने 342.76 करोड़ रुपये के अनुबंध के लिए पटेल इंजीनियरिंग को उसके संयुक्त उद्यम साझेदार के साथ ‘एल1’ घोषित किया है।

अनुबंध में जिगांव परियोजना के जलमग्न क्षेत्र से प्रथम चरण के लिए जल निकालने की व्यवस्था का निर्माण कार्य शामिल है। इसमें सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल घटक और संबद्ध काम भी शामिल हैं।

मुंबई स्थित इंजीनियरिंग, खरीद व निर्माण कंपनी की जलविद्युत और बांध परियोजनाओं के लिए सुरंगों तथा भूमिगत कार्यों में मजबूत उपस्थिति है।

First Published - May 9, 2024 | 1:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट