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AI और South India पर बड़ा दांव, PhysicsWallah ने तैयार किया ग्रोथ का नया फॉर्मूला

PhysicsWallah अब AI, ज्यादा नामांकन और South India Expansion के दम पर मुनाफे और तेज ग्रोथ पर फोकस कर रहा है।

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उदिशा श्रीवास्तव   
Last Updated- May 29, 2026 | 8:51 AM IST

एड-टेक क्षेत्र की यूनिकॉर्न कंपनी फिजिक्सवाला (पीडब्ल्यू) लाभ और विस्तार पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही अपने विकास की अगली कड़ी को रफ्तार देने के लिए अधिक नामांकन, एआई से संचालित स्वचालन और दक्षिणी भारत में गहरी पैठ पर दांव लगा रही है।

सह-संस्थापक प्रतीक बूब ने उदिशा श्रीवास्तव के साथ वीडियो पर हुई बातचीत में कंपनी की वित्त वर्ष 27 की प्राथमिकताओं, घटते घाटे, एआई-संचालित दक्षता, भारतीय भाषा बाजार में विस्तार और व्यक्तिगत एआई ट्यूटर बनाने की योजनाओं के बारे में चर्चा की। संपादित अंश …

आपके घाटे में सालाना आधार पर 74 प्रतिशत की कमी आई है। घाटे को कम करने के लिए आप किन रणनीतियों का उपयोग कर रहे हैं?

हमारे घाटे में कमी आई है और घाटे पर नियंत्रण का अधिकांश हिस्सा नामांकन और एआरपीयू (प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व) में सुधार के माध्यम से होगा। यही रणनीति है और विपणन खर्चों के मामले में लाभ होगा क्योंकि हमने इसे आधा प्रतिशत कम कर दिया है और आने वाले वर्षों में इसे कम करना जारी रखेंगे। एआई-संचालित स्वचालन के मामले में अतिरिक्त लाभ है क्योंकि छात्रों के 90 प्रतिशत संदेह अब एआई द्वारा हल किए जा रहे हैं। इससे हमें भविष्य में भी लाभ मिलेगा, लेकिन हम एक हाइपर ग्रोथ कंपनी हैं, इसलिए हम अधिक से अधिक छात्रों को पढ़ाने के लिए अधिक से अधिक बाजारों पर दबदबा बरकरार रखेंगे। हमारे लिए लागत एक द्वितीयक ध्यान केंद्रित है और इस समय प्राथमिक ध्यान विकास पर है।

पीडब्ल्यू दक्षिणी बाजारों में प्रवेश करने के बारे में काफी मुखर रहा है। पिछले कुछ महीनों में इसमें कितनी प्रगति हुई है?

वित्त वर्ष 25 से वित्त वर्ष 26 तक समूचे संग्रह में लगभग 100 प्रतिशत सुधार हुआ है। हमें तेलुगु, आंध्र और तेलंगाना बाजारों में अच्छी प्रारंभिक सफलता मिली है। हम पहले ही पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र बाजार को श्रेणी के अगुआ के रूप में जीत चुके है और हाल ही में केरल बाजार में कदम रखा है।कवरेज के मामले में हम पूरे बाजार को कवर कर रहे हैं। हम इन बाजारों में और प्रवेश करने के लिए नवाचार और प्रयोग करना जारी रखेंगे। कुल मिलाकर, ‘भारत’ रणनीति काफी अच्छी तरह से आकार ले रही है। हम काफी संतुष्ट हैं।

वित्त वर्ष 27 के लिए आपकी शीर्ष तीन प्राथमिकताएं क्या होंगी?

छात्र और उनके सीखने के परिणाम किसी भी समय सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। लक्ष्य बच्चों के लिए एक आजीवन सीखने वाला भागीदार बनना है तथा एक अन्य लक्ष्य दक्षिणी बाजारों में जीतना और भारतीय भाषा कंपनी ‘भारत’ कंपनी बनना है। वित्तीय रूप से हम इस साल अधिक नामांकन चाहते हैं और नामांकन में 20 प्रतिशत से अधिक सुधार तथा एआरपीयू में भी सुधार का लक्ष्य रख रहे हैं। तो, राजस्व में 30 प्रतिशत का मिश्रित सुधार हमारा लक्ष्य है। पहली तिमाही की गति बहुत सकारात्मक रही है। हमें पूरा भरोसा है कि हम राजस्व में 30 प्रतिशत से ऊपर और हमारे निचले स्तर में 100 प्रतिशत या उससे थोड़ा अधिक सुधार करेंगे।

चूंकि आपके पास काफी अच्छी नकदी शेष राशि है, तो आप किन अनछुए क्षेत्रों के विलय और अधिग्रहण के जरिये इस्तेमाल की तलाश कर रहे हैं?
दक्षिण भारत के विस्तार के लिए हम कुछ कंपनियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। समूह-सी और समूह-डी परीक्षा की तैयारी के मामले में, जहां प्रवेश स्तर की सरकारी नौकरी की तैयारी होती है, यह एक ऐसी हिस्सेदारी है जो हमारे पास नहीं है। तो, ये कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम रणनीतिक साझेदारी का मूल्यांकन कर रहे हैं।

First Published : May 29, 2026 | 8:51 AM IST