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PM Modi-Meloni ‘Melody’ ट्रेंड का असर, Parle Industries 5% उछला लेकिन सच्चाई कुछ और!

मोदी-मेलोनी वीडियो और “मेलोडी” ट्रेंड के चलते Parle Industries के शेयरों में तेजी आई, लेकिन इसका कंपनी के असली कारोबार से कोई संबंध नहीं था।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 20, 2026 | 4:34 PM IST

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक हल्के-फुल्के वीडियो का असर मंगलवार को शेयर बाजार में भी देखने को मिला। इस वीडियो के चलते Parle Industries के शेयरों में अचानक 5% की तेजी दर्ज की गई। लेकिन असल कहानी इससे अलग है और इसमें एक अहम भ्रम सामने आया है।

मोदी-मेलोनी वीडियो और “मेलोडी” ट्रेंड

हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi की इटली यात्रा के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni को “Melody” टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया।

इस छोटे से पल ने सोशल मीडिया पर “#Melodi” ट्रेंड को फिर से चर्चा में ला दिया। वीडियो में दोनों नेताओं के बीच हल्की मुस्कान और बातचीत ने इसे और वायरल बना दिया। बाद में मेलोनी ने भी इस क्लिप को साझा करते हुए धन्यवाद कहा, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई।

शेयर में अचानक खरीदारी और तेजी

वीडियो वायरल होते ही बाजार में एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिली। कई रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स ने “Parle” नाम को जोड़कर खरीदारी शुरू कर दी।

इसी वजह से Parle Industries के शेयरों में इंट्राडे 5% तक की तेजी आ गई और कीमत करीब 5.25 रुपये तक पहुंच गई। पिछले एक हफ्ते में भी इस स्टॉक में लगभग 7% की बढ़त दर्ज की गई।

असली सच्चाई क्या है? बड़ा कंफ्यूजन यहीं है

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बाजार में जिस तेजी का असर दिखा, उसका इस कंपनी के बिजनेस से कोई संबंध नहीं है।

असल में “Melody” टॉफी बनाने वाली कंपनी Parle Products है, जो पारले ब्रांड की मशहूर एफएमसीजी कंपनी है। यही कंपनी Parle-G, Monaco, KrackJack, Mango Bite और Poppins जैसे लोकप्रिय प्रोडक्ट्स बनाती है। लेकिन यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।

दूसरी तरफ, Parle Industries एक अलग और लिस्टेड कंपनी है, जिसका “Melody” टॉफी या Parle Products के FMCG कारोबार से कोई सीधा संबंध नहीं है।

नाम के भ्रम में फंसा बाजार

इस मामले में सबसे बड़ा कारण “Parle” नाम का भ्रम माना जा रहा है। जैसे ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, कई निवेशकों ने बिना पूरी जानकारी के नाम के आधार पर खरीदारी शुरू कर दी।

छोटे और लो-प्राइस शेयरों में अक्सर ऐसे मूवमेंट देखने को मिलते हैं, जहां किसी ट्रेंड या वायरल खबर का सीधा फायदा नहीं होता, लेकिन नाम या अफवाह के आधार पर तेजी आ जाती है।

लंबी अवधि में दबाव में रहा स्टॉक

हालांकि आज की तेजी के बावजूद कंपनी का लंबी अवधि का प्रदर्शन कमजोर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक:

  • पिछले 3 महीनों में लगभग 41% गिरावट
  • 6 महीनों में करीब 46% गिरावट
  • एक साल में 68% से ज्यादा गिरावट
First Published : May 20, 2026 | 4:34 PM IST