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Power PSU की ₹5,000 करोड़ जुटाने की तैयारी, 75% सरकारी हिस्सेदारी पर जानें कितना पड़ेगा असर

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹5,000 करोड़ जुटाने की योजना, सरकार की हिस्सेदारी पर होगा सिर्फ 7% तक का असर।

Last Updated- January 23, 2025 | 5:24 PM IST
Renewable energy

IREDA: भारत की अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA) ने अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹5,000 करोड़ जुटाने का फैसला किया है। 23 जनवरी 2025 को हुई बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

कंपनी ने जानकारी दी, “हम ₹5,000 करोड़ तक फंड जुटाने के लिए एक या अधिक चरणों में इक्विटी शेयर जारी करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया सभी लागू नियम-कायदों के तहत होगी।”

सरकार की हिस्सेदारी पर सीमित असर

फंड जुटाने के बाद भी सरकार की हिस्सेदारी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। IREDA ने साफ किया कि भारत सरकार की हिस्सेदारी, जो वर्तमान में 75% है, फंड जुटाने के बाद 7% से ज्यादा नहीं घटेगी। यह प्रक्रिया शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर होगी।

ग्रीन एनर्जी का होगा बड़ा फायदा

IREDA के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप कुमार दास ने कहा कि यह फैसला कंपनी की पूंजी मजबूत करने और देशभर में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की फंडिंग को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को तेजी मिलेगी। भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए IREDA अपनी लोन देने की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

घोषणा के बाद कंपनी के शेयर बीएसई पर करीब 2% गिरावट के साथ ₹196.85 पर ट्रेड कर रहे थे। IREDA की ये पहल न सिर्फ कंपनी की वित्तीय ताकत को बढ़ाएगी, बल्कि देश के ग्रीन एनर्जी मिशन को नई दिशा और रफ्तार देगी।

 

First Published - January 23, 2025 | 5:14 PM IST

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