भारत का लैब-ग्रोन डायमंड मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और इसी कड़ी में Solitario Lab Grown ने 3.6 मिलियन डॉलर (करीब 30 करोड़ रुपये) की प्री-IPO फंडिंग जुटाई है। इस इन्वेस्टमेंट से कंपनी अपने कारोबार को और आगे ले जाने वाली है।
बड़े नाम बने Solitario के इन्वेस्टर
इस फंडिंग राउंड में कई जाने-माने इन्वेस्टर्स ने पैसा लगाया है। मेरु कैब्स के फाउंडर नीरज गुप्ता, मॉरीशस स्थित FPI इन्वेस्टी ग्लोबल, विक्को ग्रुप, सोलर इंडस्ट्रीज की प्रमोटर सीमा मनीष नुवाल और कई हाई-नेट-वर्थ इन्वेस्टर्स जैसे अमित अग्रवाल, राजेश सिंगला, गरिमा थेती और संदीप सिंह भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
Solitario – एक खास ज्वेलरी ब्रांड
इस कंपनी को बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय और ज्वेलरी इंडस्ट्री के अनुभवी कारोबारी रिकी वसंदानी ने मिलकर शुरू किया था। Solitario की पहचान सस्टेनेबल और इको-फ्रेंडली डायमंड ज्वेलरी के लिए है। कंपनी नेकलेस, रिंग, ईयररिंग, ब्रेसलेट और पेंडेंट जैसी शानदार ज्वेलरी बनाती है, जो दिखने में उतनी ही खूबसूरत होती हैं, जितनी कि असली हीरे की होती हैं।
फंडिंग से क्या बदलेगा?
Solitario अब अपने स्टोर्स की संख्या बढ़ाने, इंटरनेशनल मार्केट में पैर जमाने, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करने, नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने में निवेश करेगा।
कंपनी के को-फाउंडर विवेक ओबेरॉय का कहना है, “इस फंडिंग से Solitario को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रास्ता साफ हो गया है। अब हमारा फोकस अपने प्रोडक्ट्स को और बेहतर बनाना और नए बाजारों में पहुंच बनाना होगा।”
कंपनी की ग्रोथ और विस्तार
Solitario के डायमंड क्यों हैं खास?
कंपनी के लैब-ग्रोन डायमंड्स प्राकृतिक हीरों जैसे ही होते हैं, लेकिन 40-50% तक सस्ते होते हैं और पर्यावरण के लिए भी बेहतर हैं।
धमाकेदार ग्रोथ
FY2024 में कंपनी की रेवेन्यू 52 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो FY2023 के 24.3 करोड़ रुपये से दोगुनी से ज्यादा है!
Solitario का टारगेट 2028 तक 500 करोड़ रुपये की रेवेन्यू तक पहुंचना है।
डायमंड इंडस्ट्री में बढ़ रही है चमक
भारत का रत्न और ज्वेलरी मार्केट 2021 में 43 अरब डॉलर का था, जो 2025 तक 91 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इसी तरह, लैब-ग्रोन डायमंड इंडस्ट्री 2023 में 250 मिलियन डॉलर की थी, लेकिन 2033 तक 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंचने वाली है। यानी आने वाले सालों में ये सेक्टर जबरदस्त ग्रोथ देने वाला है। इस डील के लिए Socradamus Capital Pvt Ltd ने एडवाइजर की भूमिका निभाई। (PTI के इनपुट के साथ)