FMCG कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड ने गुरुवार को अपनी दिसंबर तिमाही के रिजल्ट की घोषणा कर दी। कंपनी ने इस दौरान शुद्ध लाभ में 1.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 515.82 करोड़ रुपए कमाए।
डाबर इंडिया ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 506.44 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। बीती तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व 3 प्रतिशत बढ़कर 3,355.25 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3,255.06 करोड़ रुपए था। डाबर इंडिया का कुल खर्च दिसंबर तिमाही में 3.9 प्रतिशत बढ़कर 2,826.20 करोड़ रुपए हो गया। डाबर की कुल आय, जिसमें अन्य आय भी शामिल है, 3 प्रतिशत बढ़कर 3,483.28 करोड़ रुपए हो गई।
डाबर इंडिया लिमिटेड के शेयर दोपहर बाद के सत्र में बीएसई पर 535.10 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे, जो पिछले बंद स्तर से 3.27 प्रतिशत ज्यादा था।
डाबर इंडिया लिमिटेड एक प्रमुख भारतीय उपभोक्ता वस्तु (FMCG) कंपनी है, जो स्वास्थ्य देखभाल, व्यक्तिगत देखभाल, खाद्य और पेय उत्पाद बनाती है। कंपनी की स्थापना 1884 में डॉ. एस.के. बर्मन ने की थी। ‘डाबर’ नाम ‘डॉक्टर’ के ‘डा’ और ‘बर्मन’ के ‘बर’ से मिलकर बना है।
डाबर के उत्पादों में मुख्य रूप से मेडिकल और हेल्थ प्रोडक्ट शामिल है। कंपनी डाबर च्यवनप्राश, डाबर हनी, डाबर आंवला हेयर ऑयल और वाटिका शैम्पू, के साथ-साथ खाद्य एवं पेय पदार्थ में रियल फ्रूट जूस जैसे लोकप्रिय प्रोडक्ट बनाती है। इसके अलावा, कंपनी होम केयर प्रोडक्ट भी बनाती है, जिसमें ओडोनिल और ओडोमॉस जैसे ब्रांड शामिल हैं।
कंपनी का मुख्यालय गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में स्थित है। अभी, डाबर इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष अमित बर्मन हैं, जो बर्मन परिवार की पांचवीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंपनी के सीईओ मोहित मल्होत्रा हैं, जो 1994 से डाबर के साथ जुड़े हुए हैं और 2019 में सीईओ का पदभार संभाला था। डाबर ने हाल ही में सेसा केयर का अधिग्रहण करने की योजना की घोषणा की है, जिससे कंपनी आयुर्वेदिक हेयर ऑयल बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करेगी।
डाबर इंडिया लिमिटेड ने अपनी आयुर्वेदिक जड़ों को आधुनिक विज्ञान के साथ मिलाकर उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और प्रभावी उत्पाद प्रदान करने में सफलता हासिल की है, जिससे यह भारत की अग्रणी FMCG कंपनियों में से एक बन गई है।