LIC की सहायक कंपनी LIC हाउसिंग फाइनेंस (LICHFL) ने शुक्रवार को अपनी तीसरी तिमाही के रिजल्ट की घोषणा कर दी। Q3 में कंपनी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी ने कहा कि 31 दिसंबर को खत्म तिमाही के लिए प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 23% बढ़कर 1,432 करोड़ रुपए ($165.4 मिलियन) हो गया। विश्लेषकों ने 1,285 करोड़ रुपए के लाभ का अनुमान लगाया था। LIC हाउसिंग की पिछली कुछ तिमाहियों के रिजल्ट में सुधार देखा गया है, जिसका कंपनी के लाभ पर पॉजिटिव असर पड़ा है।
LIC हाउसिंग के लोन डिस्बर्समेंट तीसरी तिमाही में केवल 2% बढ़कर 15,475 करोड़ रुपए हुए, क्योंकि हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में होम फाइनेंसरों और बैंकों के बीच विशेष रूप से प्रीमियम सेगमेंट में बड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। पिछली कुछ तिमाहियों में कंपनी के वितरण अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में धीमे रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में, पीएनबी हाउसिंग ने तीसरी तिमाही के लिए अपने वितरण में 30% की वृद्धि दर्ज की थी।
कंपनी की शुद्ध ब्याज आय (नेट इंटरेस्ट इनकम), यानी अर्जित ब्याज और भुगतान किए गए ब्याज के बीच का अंतर, लगभग 5% गिरकर 2,000 करोड़ रुपए हो गई। मुनाफे का एक प्रमुख संकेतक, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM), पिछली तिमाही के 2.71% से मामूली गिरकर 2.70% रह गया, जबकि एक साल पहले यह 3% था।
LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LICHFL) भारत की प्रमुख हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक है, जिसकी स्थापना 19 जून 1989 को हुई थी। कंपनी का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है। यह कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की सहायक कंपनी है, जो इसके प्रमोटर और प्रमुख शेयरधारक हैं। LICHFL का मुख्य उद्देश्य आवासीय उद्देश्यों के लिए लोगों को लॉन्ग टर्म में वित्तीय सहायता देना है। कंपनी होम लोन, प्लॉट लोन, रेनोवेशन लोन, और नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRI) के लिए स्पेशल लोन जैसी सेवाएं देती है। इसके अलावा, यह बिल्डरों और डेवलपर्स को प्रोजेक्ट लोन भी उपलब्ध कराती है।
LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के शेयर आज बीएसई पर 2.4% बढ़कर 598.45 रुपए पर बंद हुए। नतीजों की घोषणा से पहले ही निवेशकों का रुझान पॉजिटिव दिखा।