दिसंबर तिमाही 2024-25 में भेल और हिंदुस्तान जिंक ने जबरदस्त कमाई की है। जहां भेल ने अपने मुनाफे को दोगुना से ज्यादा कर लिया, वहीं हिंदुस्तान जिंक ने भी 32% की बढ़त के साथ तगड़ा परफॉर्मेंस दिया है।
भेल: मुनाफे का ग्राफ ऊपर
सरकारी कंपनी भेल ने इस तिमाही में 134.70 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो पिछले साल इसी समय सिर्फ 60.31 करोड़ रुपये था। राजस्व में भी अच्छा उछाल देखने को मिला। इस बार कंपनी की कुल आय 7,385 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल 5,599.63 करोड़ रुपये थी।
हिंदुस्तान जिंक: कम लागत, ज्यादा मुनाफा
हिंदुस्तान जिंक ने अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 2,678 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। कंपनी का कहना है कि यह कम लागत और जिंक-सिल्वर की बढ़ी हुई कीमतों का नतीजा है। कंपनी का राजस्व भी 18% बढ़कर 8,315 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि जिंक और लीड का उत्पादन 259 हजार टन पर स्थिर रहा, लेकिन लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर जिंक की कीमतें 22% तक बढ़ीं।
हिंदुस्तान जिंक के CFO संदीप मोदी ने बताया कि इस साल पूंजीगत खर्च 1,500-1,600 करोड़ रुपये रहेगा। साथ ही, कंपनी मार्च तक अपने कर्ज को 2,300 करोड़ रुपये तक घटाने की तैयारी में है, जो सितंबर 2024 में 5,700 करोड़ रुपये था।
डिमर्जर और भविष्य की रणनीति
कंपनी अपने कारोबार को अलग-अलग यूनिट्स में बांटने की तैयारी में है, लेकिन इसके लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार है। इस बीच, कंपनी का फोकस क्रिटिकल मिनरल्स पर है। हालांकि, तमिलनाडु में टंगस्टन ब्लॉक पर लोकल विरोध के चलते प्रोजेक्ट रद्द हो गया।
कंपनी के CEO अरुण मिश्रा ने कहा, “हमारी बुनियाद मजबूत है। चौथी तिमाही में शानदार नतीजे देने की पूरी तैयारी है। अगले साल 1.2 मिलियन टन से ज्यादा उत्पादन का लक्ष्य है।” कंपनी इस तिमाही में अपने रोस्टर प्लांट को चालू करने की भी योजना बना रही है।