Akzo Nobel India Q3 Results: पेंट्स और कोटिंग्स बनाने वाली कंपनी Akzo Nobel India लिमिटेड ने शुक्रवार को अपनी तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2024) के नतीजे जारी किए। तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 4.56% घटकर ₹108.6 करोड़ रह गया। इसका मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत को माना जा रहा है। कंपनी ने पिछले साल इसी तिमाही में ₹113.8 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था।
ऑपरेशंस से मिलने वाला राजस्व 1.72% बढ़कर ₹1,050.5 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹1,032.7 करोड़ था।
ड्यूलक्स पेंट्स बनाने वाली Akzo Nobel के कुल खर्च 2.32% बढ़कर ₹910.3 करोड़ हो गए। Akzo Nobel की कुल आय, जिसमें अन्य आय भी शामिल है, दिसंबर तिमाही में 1.47% बढ़कर ₹1,056.5 करोड़ रही।
रिजल्ट पर बात करते हुए कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव राजगोपाल ने कहा, “Q3 FY25 में हमने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद वॉल्यूम और वैल्यू दोनों में ग्रोथ हासिल की। इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, माइनिंग, मरीन और रियल एस्टेट सेक्टर में मजबूत मांग ने पेंट्स और कोटिंग्स के B2B सेगमेंट को रफ्तार दी है।”
उन्होंने आगे कहा, “संतुलित लागत प्रबंधन के जरिए हमने मुनाफे को बनाए रखा और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मार्जिन पर पड़ने से रोका।”
Akzo Nobel India लिमिटेड के शेयर शुक्रवार दोपहर के कारोबार में ₹3,635.10 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे, जो 0.18% की बढ़त के साथ था।
Akzo Nobel India लिमिटेड एक प्रमुख पेंट और कोटिंग्स निर्माता कंपनी है, जो भारत में ड्यूलक्स ब्रांड के पेंट्स बनाने, वितरण और बेचने का काम करती है। कंपनी की स्थापना 1954 में इंडियन एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (IEL) के नाम से हुई थी, जो भारत सरकार के साथ एक संयुक्त उद्यम था। 1985 में इसका नाम बदलकर IEL कर दिया गया, और 1989 में इसे ICI इंडिया के नाम से जाना गया। 2003 में, जब सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी, तो कंपनी का नाम बदलकर Akzo Nobel India लिमिटेड कर दिया गया।
अभी कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) राजीव राजगोपाल हैं। Akzo Nobel India का मुख्यालय एम्स्टर्डम, नीदरलैंड्स में स्थित है, और यह 150 से अधिक देशों में सक्रिय है। दुनिया भर में, यह ड्यूलक्स, इंटरनेशनल, सिक्केंस और इंटरपोन जैसे विश्व-प्रसिद्ध ब्रांडों के लिए जानी जाती है।