बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज अब बजाज फिनसर्व के बोर्ड का हिस्सा नहीं रहेंगे। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि राजीव बजाज ने आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में दोबारा डायरेक्टर पद के लिए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। 31 जुलाई को होने वाली AGM में रोटेशन के तहत रिटायर होने के बाद वह कंपनी के डायरेक्टर पद से हट जाएंगे।
कंपनी के मुताबिक, हाल के वर्षों में बजाज ऑटो में उनकी जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। बजाज ऑटो टेक्नोलॉजी और बजाज ऑटो क्रेडिट जैसी नई कंपनियों की स्थापना के अलावा हाल ही में KTM के अधिग्रहण के बाद उनके काम का दायरा और बढ़ गया है। ऐसे में उन्होंने दूसरे कारोबारी दायित्वों को कम करने का फैसला किया है ताकि वह ऑटो कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे सकें।
बजाज फिनसर्व के बोर्ड ने राजीव बजाज के फैसले को स्वीकार करते हुए कंपनी के साथ उनके लंबे जुड़ाव और योगदान के लिए आभार जताया है। बोर्ड ने कहा कि कंपनी की प्रगति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इससे पहले अप्रैल में राजीव बजाज ने बजाज फाइनेंस के बोर्ड से भी अलग होने का फैसला किया था। उन्होंने वहां भी गैर-कार्यकारी डायरेक्टर के रूप में दोबारा चुनाव नहीं लड़ने की जानकारी दी थी। इसके साथ ही बजाज फाइनेंस के बोर्ड के साथ उनका लंबा जुड़ाव भी समाप्त हो जाएगा।
राजीव बजाज देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वह उद्योगपति राहुल बजाज के बेटे हैं, जिन्होंने बजाज ऑटो को देश के सबसे बड़े ऑटो ब्रांड्स में शामिल किया था। राजीव बजाज, बजाज फिनसर्व के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव बजाज के भाई भी हैं।
राजीव बजाज 2002 में बजाज ऑटो के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद 2005 में उन्होंने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला। वह KTM ग्रुप की कई कंपनियों के सुपरवाइजरी बोर्ड में भी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। अब वह अपना पूरा ध्यान बजाज ऑटो और उससे जुड़े नए कारोबारों के विस्तार पर केंद्रित करना चाहते हैं।