facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

रिलायंस कैपिटल ऑडिट मामला: एनएफआरए ने एक ऑडिट कंपनी, दो ऑडिटर पर लगाया 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना

Advertisement

यह कार्रवाई 2018-19 में रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) की वित्तीय स्थिति की ऑडिटिंग में कथित खामियों से जुड़े मामले को लेकर की गई है।

Last Updated- April 15, 2024 | 1:44 PM IST
Reliance Capital's acquisition will be completed by the end of January, Hinduja Group will spend Rs 9,861 crore जनवरी के अंत तक पूरा होगा रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण, हिंदुजा ग्रुप खर्च करेगी 9,861 करोड़ रुपये

राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) ने एक ऑडिट कंपनी और दो ऑडिटर पर कुल 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला 2018-19 में रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) की वित्तीय स्थिति की ऑडिटिंग में कथित खामियों से जुड़ा है।

आदेश के अनुसार, पाठक एचडी एंड एसोसिएट्स पर तीन करोड़ रुपये, परिमल कुमार झा पर एक करोड़ रुपये और विशाल डी शाह पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा झा और शाह पर ऑडिट से जुड़े काम करने पर क्रमशः 10 साल और पांच साल की रोक लगा दी गई है।

वित्त वर्ष 2018-19 के रिलायंस कैपिटल के वैधानिक ऑडिट के लिए झा एंगेजमेंट पार्टनर (ईपी) थे और शाह एंगेजमेंट क्वालिटी कंट्रोल रिव्यू (ईक्यूसीआर) पार्टनर थे। कंपनी का 2018-19 में प्राइस वॉटरहाउस एंड को. एलएलपी (पीडब्ल्यू) और पाठक एचडी एंड एसोसिएट्स द्वारा संयुक्त रूप से ऑडिट किया गया था।

क्यों की गई कार्रवाई ?

एनएफआरए ने 12 अप्रैल के आदेश में कहा कि संदिग्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने और अन्य संयुक्त लेखा परीक्षक (पीडब्ल्यू) द्वारा इस्तीफे के बावजूद लेखा परीक्षकों ने ऑडिटिंग के मानकों (एसए) के तहत पर्याप्त प्रक्रियाएं पूरी नहीं की।

Advertisement
First Published - April 15, 2024 | 1:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement