facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

रिलायंस कैपिटल ऑडिट मामला: एनएफआरए ने एक ऑडिट कंपनी, दो ऑडिटर पर लगाया 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना

यह कार्रवाई 2018-19 में रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) की वित्तीय स्थिति की ऑडिटिंग में कथित खामियों से जुड़े मामले को लेकर की गई है।

Last Updated- April 15, 2024 | 1:44 PM IST
Reliance Capital's acquisition will be completed by the end of January, Hinduja Group will spend Rs 9,861 crore जनवरी के अंत तक पूरा होगा रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण, हिंदुजा ग्रुप खर्च करेगी 9,861 करोड़ रुपये

राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) ने एक ऑडिट कंपनी और दो ऑडिटर पर कुल 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला 2018-19 में रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) की वित्तीय स्थिति की ऑडिटिंग में कथित खामियों से जुड़ा है।

आदेश के अनुसार, पाठक एचडी एंड एसोसिएट्स पर तीन करोड़ रुपये, परिमल कुमार झा पर एक करोड़ रुपये और विशाल डी शाह पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा झा और शाह पर ऑडिट से जुड़े काम करने पर क्रमशः 10 साल और पांच साल की रोक लगा दी गई है।

वित्त वर्ष 2018-19 के रिलायंस कैपिटल के वैधानिक ऑडिट के लिए झा एंगेजमेंट पार्टनर (ईपी) थे और शाह एंगेजमेंट क्वालिटी कंट्रोल रिव्यू (ईक्यूसीआर) पार्टनर थे। कंपनी का 2018-19 में प्राइस वॉटरहाउस एंड को. एलएलपी (पीडब्ल्यू) और पाठक एचडी एंड एसोसिएट्स द्वारा संयुक्त रूप से ऑडिट किया गया था।

क्यों की गई कार्रवाई ?

एनएफआरए ने 12 अप्रैल के आदेश में कहा कि संदिग्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने और अन्य संयुक्त लेखा परीक्षक (पीडब्ल्यू) द्वारा इस्तीफे के बावजूद लेखा परीक्षकों ने ऑडिटिंग के मानकों (एसए) के तहत पर्याप्त प्रक्रियाएं पूरी नहीं की।

First Published - April 15, 2024 | 1:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट