वित्त वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के नतीजों से पता चलता है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का उद्योग जगत के कामकाज और कमाई पर बुरा असर पड़ा है। युद्ध के कारण ईंधन बाजार में आई रुकावट और कच्चे तेल की ज्यादा कीमतों की वजह से कंपनी के मुनाफे में दो अंक में गिरावट आई है।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में रिलायंस का संचयी शुद्ध मुनाफा 12.6 फीसदी घटकर 16,971 करोड़ रुपये रहा जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 19,407 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 18,645 करोड़ रुपये था। पिछले 14 तिमाहियों में कंपनी के मुनाफे में यह सबसे बड़ी गिरावट है। रिलांयस का संचयी शुद्ध मुनाफा दिसंबर 2022 तिमाही में 14.9 फीसदी घटा था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2026 के दौरान हमें भू-राजनीतिक उथल-पुथल, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार के बदलते स्वरूप का सामना करना पड़ा। इन विपरीत परिस्थितियों का असर दुनिया भर के व्यवसायों पर पड़ा। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक विकास की गति को बनाए रखा और रिलायंस ने भी ऐसा ही किया। हमारे पोर्टफोलियो की व्यापकता और घरेलू बाजार पर मजबूत पकड़ ने हमें बाहरी वातावरण में मौजूद अस्थिरता से निपटने में मदद की।’
युद्ध और उसके कारण जिंसों और ऊर्जा की कीमतों में आई महंगाई से आरआईएल की आय वृद्धि में तेजी आई। कंपनी की संचयी शुद्ध आय वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 12.5 फीसदी बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये रही जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 2.61 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 2.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। संचयी आधार पर रिलायंस की शुद्ध आय 13 तिमाही में सबसे तेजी से बढ़ी है।
वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज 10.57 लाख करोड़ रुपये की कुल शुद्ध बिक्री के साथ 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा सालाना आय कमाने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई। रिलायंस की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 13 फीसदी बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स की परिचालन आय 12.5 फीसदी बढ़कर 38,259 करोड़ रुपये रही।
आरआईएल की रिटेल इकाई रिलायंस रिटेल वेंचर्स का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में मामूली रूप से 1.6 फीसदी बढ़कर 3,574 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि के लिए उसकी कुल आय 10.84 फीसदी बढ़कर 98,232 करोड़ रुपये रही।