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कॉर्पोरेट जगत में मुनाफे की बारिश: रिलायंस रिटेल और जियो के साथ अदाणी ग्रीन ने भी दर्ज की बंपर ग्रोथ

रिलायंस रिटेल, जियो और अदाणी ग्रीन सहित प्रमुख भारतीय कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में शानदार मुनाफा दर्ज कर अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति का प्रदर्शन किया है

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शार्लीन डिसूजा   
बीएस संवाददाता   
Last Updated- April 24, 2026 | 10:31 PM IST

रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने शुक्रवार को बताया कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 1.6 प्रतिशत बढ़कर 3,574 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने पूरे साल के प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए कहा, ‘वित्त वर्ष 2026 रिलायंस रिटेल के लिए बड़े पैमाने पर मुनाफे वाली वृद्धि का साल रहा। राजस्व 3.70 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, एबिटा 27,000 करोड़ रुपये हो गया और हमने 1.93 अरब सौदों के जरिये 38.7 करोड़ पंजीकृत ग्राहकों को सेवा दी, जो भारत की सबसे बड़ी रिटेल फ्रेंचाइजी की मजबूत और टिकाऊ क्षमता को दिखाता है।’

उन्होंने कहा, ‘इस साल हमारे लिए सबसे बड़ा बदलाव ढांचागत था। हाइपर-लोकल कॉमर्स के ऑर्डर में सालाना आधार पर चार गुना से भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई। हम ग्रोसरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन के क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा हाइपर-लोकल डिलिवरी नेटवर्क चलाते हैं, जिसे 1,200 से अधिक शहरों और 5,100 से ज्यादा पिन कोड से जुड़े 3,100 से ज्यादा स्टोरों से ताकत मिलती है।’

उन्होंने कहा, ‘हमारी बैलेंस शीट मजबूत है और अलग-अलग कैटेगरी में हमारे नेतृत्त्व का दायरा बढ़ रहा है। हम रिलायंस रिटेल को एक टिकाऊ और मुनाफे वाली वृद्धि के लिए तैयार कर रहे हैं।’

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने एक बयान में कहा, ‘रिलायंस रिटेल ने पूरे साल लगातार वृद्धि हासिल की है। मुझे पूरा भरोसा है कि रिलायंस रिटेल की मजबूत ओमनीचैनल मौजूदगी और भारतीय ग्राहकों के बारे में उसकी मजबूत समझ, आगे भी लगातार वृद्धि का आधार बनी रहेगी।’

जियो प्लेटफॉर्म्स का लाभ 13 प्रतिशत बढ़ा

जियो प्लेटफॉर्म्स का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 13 प्रतिशत बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान (जनवरी-मार्च) तिमाही में 7,022 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 12.5 प्रतिशत बढ़कर 38,259 करोड़ रुपये हो गई जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 33,953 करोड़ रुपये थी।

रिलायंस जियो को संचालित करने वाली इस कंपनी की प्रति उपयोगकर्ता औसत आय (एआरपीयू) भी बढ़ी है। 2025-26 की चौथी तिमाही में यह 3.8 प्रतिशत बढ़कर 214 रुपये हो गई जो 2024-25 की समान तिमाही में 206.2 रुपये थी।

इंडसइंड बैंक को 594 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ

इंडसइंड बैंक ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 594 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया। इस इजाफे को कम प्रावधानों से मदद मिली। पिछले वर्ष की इसी अवधि में बैंक ने 2,329 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था।

इसकी वजह यह थी कि तिमाही के दौरान ऋणदाता ने प्रावधानों में काफी बढ़ोतरी की थी। उसने डेरिवेटिव और सूक्ष्म वित्त श्रेणियों में अकाउंटिंग की गड़बड़ियों से जुड़ी उन एंट्री को उलट दिया था जिन्हें गलत तरीके से राजस्व और आय दिखाया गया था। तिमाही आधार पर शुद्ध लाभ में 364 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ऋणदाता की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 43.4 प्रतिशत बढ़कर 4,371.5 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि यह तिमाही आधार पर 4,561.7 करोड़ रुपये की तुलना में 4.2 प्रतिशत कम रही।

एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के मुनाफे में 4.7% का इजाफा

एसबीआई जनरल इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 26 के दौरान शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह वित्त वर्ष 25 में दर्ज 509 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 533 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम (जीडीपी) में 15,904 करोड़ रुपये के साथ सालाना आधार पर 14.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कंपनी परिचालन के बदलते माहौल में वृद्धि और लाभ के बीच संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दे रही है। कंपनी ने उद्योग की वृद्धि दर की तुलना में 1.6 गुना अधिक बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे बाजार में मौजूदगी और मजबूत हुई है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 26 के दौरान निजी और एकल आधार पर स्वास्थ्य बीमा की बाजार हिस्सेदारी में 27 आधार अंकों का इजाफा किया, जो वित्त वर्ष 25 की 6.90 प्रतिशत से बढ़कर 7.17 प्रतिशत हो गई। इससे लगातार वृद्धि की रफ्तार और दमदार क्रियान्वयन क्षमताओं का पता चलता है।

श्रीराम फाइनैंस के लाभ में 41 प्रतिशत की उछाल

देश की सबसे बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में शामिल श्रीराम फाइनैंस का समेकित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 41 प्रतिशत बढ़कर 3,020.95 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 2,143.77 करोड़ रुपये था। इस अवधि के दौरान कंपनी की कुल आय भी 9 प्रतिशत बढ़कर 12,532.35 करोड़ रुपये हो गई, जबकि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में यह 11,460 करोड़ रुपये थी।

वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में सकल एनपीए 4.58 प्रतिशत रहा, जो वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 4.55 प्रतिशत था। शुद्ध एनपीए 2.33 प्रतिशत देखा गया, जबकि पहले यह 2.64 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 26 के दौरान शुद्ध लाभ 5 प्रतिशत बढ़कर 10,024.15 करोड़ रुपये हो गया।

चांदी से चमका हिंदुस्तान जिंक का लाभ सर्वाधिक तिमाही मुनाफा दर्ज किया

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने मार्च तिमाही के दौरान अपना अब तक का सर्वाधिक तिमाही मुनाफा और राजस्व दर्ज किया है। इसे जस्ते और चांदी की कीमतों में मजबूती, रिकॉर्ड उत्पादन और लागत में कमी की मदद से बल मिला। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 68 प्रतिशत बढ़कर 5,033 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 3,003 करोड़ रुपये था।

परिचालन से राजस्व 49 प्रतिशत बढ़कर 13,544 करोड़ रुपये के सर्वकालिक शीर्ष स्तर पर पहुंच गया। एबिटा 61 प्रतिशत बढ़कर 7,747 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एबिटा मार्जिन पिछले साल के 53 प्रतिशत की तुलना बढ़कर 57 प्रतिशत हो गया।

कंपनी के प्रदर्शन को तिमाही के दौरान रिकॉर्ड स्तर पर 315 टन खनन धातु उत्पादन और 282 टन के रिकॉर्ड परिष्कृत धातु उत्पादन से बढ़ावा मिला। जस्ते की उत्पादन लागत, रॉयल्टी को छोड़कर सालाना आधार पर 9 प्रतिशत घटकर 903 रुपये प्रति टन के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई। इससे इसने वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाले उत्पादकों में से एक के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है।

इस अवधि में चांदी कमाई का प्रमुख जरिया बनी रही। उसका उत्पादन पिछली तिमाही की तुलना में 11 प्रतिशत बढ़कर 176 टन हो गया। समूचे वर्ष के दौरान कुल लाभ में चांदी की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 26 में कंपनी ने 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 40,844 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया, जबकि शुद्ध लाभ 34 प्रतिशत बढ़कर 13,832 करोड़ रुपये हो गया। सालाना एबिटा 27 प्रतिशत बढ़कर 22,162 करोड़ रुपये के सर्वकालिक शीर्ष स्तर पर पहुंच गया।

अदाणी ग्रीन एनर्जी का लाभ 34 प्रतिशत बढ़ा

अदाणी समूह की कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की जनवरी-मार्च तिमाही में 34 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ 514 करोड़ रुपये रहा। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 25 की समान तिमाही में 383 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर 3,727 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 3,278 करोड़ रुपये थी।

हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ थोड़ा घटकर 1,987 करोड़ रुपये रह गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 2,001 करोड़ रुपये था। वहीं 2025-26 में कुल आय बढ़कर 13,819 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 में 12,422 करोड़ रुपये थी।

कंपनी ने अलग से जारी बयान में कहा कि बिजली आपूर्ति से होने वाली आय जनवरी- मार्च तिमाही में 16 प्रतिशत बढ़कर 3,094 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 2,666 करोड़ रुपये थी। कंपनी के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने बताया कि कंपनी ने 5.1 गीगावॉट नई परियोजनाओं की क्षमता शुरू की है, जिससे उसकी कुल परिचालन क्षमता बढ़कर 19.3 गीगावॉट हो गई है। उन्होंने बताया कि यह चीन को छोड़कर किसी भी कंपनी द्वारा एक साल में की गई दुनिया की सबसे बड़ी नई क्षमता वृद्धि है। परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए अदाणी ने कहा, ‘गुजरात के खावड़ा में हमारी प्रमुख परियोजना, जो दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र है, तेजी से आगे बढ़ रही है। बैटरी भंडारण के क्षेत्र में हमने वित्त वर्ष 2025-26 में 1.4 गीगावॉट-घंटा क्षमता स्थापित की।’

First Published : April 24, 2026 | 9:58 PM IST