रियायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने शुक्रवार को कहा कि वह प्लास्टिक कचरे का रासायनिक रूप से पुनर्चक्रण करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है।
आरआईएल ने एक बयान में कहा कि इस प्रक्रिया में नयी प्लास्टिक के लिए प्लास्टिक कचरे से उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री तैयार की जाएगी।
बयान के मुताबिक, प्लास्टिक कचरे को कम करने और भारत में संसाधनों के अनुकूलतम इस्तेमाल वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के क्रम में रिलायंस पहली भारतीय कंपनी बन गई है, जिसे प्लास्टिक कचरे को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए ‘सर्कुलर पॉलीमर’ में बदलने का प्रमाणपत्र मिला है। आरआईएल को इसके लिए अंतरराष्ट्रीय संवहनीयता एवं कार्बन प्रमाणपत्र (आईएससीसी) मिला है।
कंपनी ने कहा कि रासायनिक पुनर्चक्रण के कई फायदे हैं, जिसमें प्लास्टिक कचरे को नए प्लास्टिक के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री में बदलना भी शामिल है। इन सामग्रियों का इस्तेमाल भोजन की पैकिंग के लिए किया जा सकता है।
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रिलायंस ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक कचरे को पायरोलिसिस तेल में बदल देती है। कंपनी इस तेल का उत्पादन बढ़ाने और इसे सर्कुलर पॉलीमर में बदलने के लिए भरोसेमंद भागीदारों के साथ काम कर रही है।