facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

Reliance कभी आत्मसंतुष्ट नहीं होगी, दुनिया के टॉप 10 कंपनियों में आने का टारगेट: मुकेश अंबानी

Advertisement

Reliance ने 2016 में दूरसंचार सेवा जियो की शुरुआत की थी और आज यह भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा कंपनी है। पूरी दुनिया में रिलायंस जियो तीसरे स्थान पर है।

Last Updated- December 28, 2023 | 4:05 PM IST
mukesh ambani

अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) का कहना है कि उनकी अगुवाई वाला रिलायंस समूह (Reliance Group) कभी भी (अपनी उपलब्धियों से) ‘आत्मसंतुष्ट’ नहीं होगा और यह दुनिया के शीर्ष 10 व्यापारिक समूहों का हिस्सा बनेगा।

समूह ने कुछ ही वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनिंग परिसर से लेकर देश के सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर तक का कारोबार खड़ा किया है।

समूह के संस्थापक धीरूभाई अंबानी की जयंती ‘रिलायंस फैमिली डे’ पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस अब डिजिटल डेटा मंच और कृत्रिम मेधा (AI) प्रौद्योगिकी अपनाने में वैश्विक कंपनियों के बीच अपनी जगह मजबूत करने का लक्ष्य बना रही है।

उन्होंने कहा, “आज कारोबार के लिए घरेलू और वैश्विक माहौल बहुत तेजी से बदल रहा है। आत्मसंतुष्टि के लिए कोई जगह ही नहीं है। रिलायंस अतीत में कभी भी आत्मसंतुष्ट नहीं थी, और भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।’’

उन्होंने कहा कि रिलायंस को ‘निरंतर नवोन्मेष और नई खोज के जरिये बाजार में बदलाव के लिए जाना जाता है। मुंबई में एक छोटी कपड़ा विनिर्माण इकाई से शुरुआत करते हुए रिलायंस ने ‘बैकवर्ड एकीकरण’ किया और यह पेट्रोरसायन (जो वस्त्रों के लिए फीडस्टॉक प्रदान करता है) क्षेत्र में उतरी और देश में इसकी सबसे बड़ी उत्पादक बन गई।

रिलायंस ने 2005 में खुदरा क्षेत्र में प्रवेश किया

इसके बाद इसने अपने समय में देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी स्थापित की और इसे दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनिंग परिसर के रूप में विस्तारित किया गया।

‘बैकवर्ड एकीकरण’ में एक कंपनी आपूर्ति श्रृंखला में शामिल कारोबार से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए अपनी भूमिका का विस्तार करती है।

2016 में दूरसंचार सेवा जियो की शुरुआत

रिलायंस समूह ने 2005 में खुदरा क्षेत्र में प्रवेश किया और अब यह देश में किराना स्टोर, बड़ी दुकानें और ऑनलाइन खुदरा कारोबार की सबसे बड़ी परिचालक है।

रिलायंस ने 2016 में दूरसंचार सेवा जियो की शुरुआत की थी और आज यह भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा कंपनी है। पूरी दुनिया में रिलायंस जियो तीसरे स्थान पर है। आज रिलायंस नवीन ऊर्जा कारोबार के लिए बड़े कारखानों का निर्माण कर रहा है और वित्तीय सेवाओं में भी प्रवेश कर चुका है।

रिलायंस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अंबानी ने कहा, “हमने मानदंडों को ऊंचा रखने का साहस दिखाया है और नए रिकॉर्ड बनाने के लिए और भी ऊंची छलांग लगाने की क्षमता दिखाई है। इस तरह रिलायंस ने लगातार वृद्धि हासिल की है।’’

रिलायंस आज देश की सबसे बड़ी कंपनी

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से) बनने की ओर अग्रसर है, एक अभूतपूर्व अवसर रिलायंस का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘रिलायंस दुनिया की शीर्ष 10 कारोबारी समूहों में जगह बना सकती है और यह ऐसा करेगी।’’ हालांकि इसके लिए उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई। रिलायंस राजस्व, मुनाफे और बाजार मूल्यांकन के लिहाज से आज देश की सबसे बड़ी कंपनी है।

Advertisement
First Published - December 28, 2023 | 4:05 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement