रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और ब्रिटेन की उसकी साझेदार बीपी पीएलसी ने केजी गैस की कीमत तय करने के लिए ‘ऑयल इंडेक्सेशन’ को फिर से अपनाया है। इससे कच्चे तेल की तेजी का लाभ लेने में मदद मिलेगी।
ऑयल इंडेक्सेशन के तहत गैस की कीमत कच्चे तेल के दाम से जुड़ी होती है। केजी बेसिन भारत में निजी क्षेत्र द्वारा संचालित सबसे बड़ी गैस क्षेत्र है।
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रिलायंस और बीपी ने एक निविदा में पहली दिसंबर, 2023 से बंगाल की खाड़ी में केजी-डी6 ब्लॉक से प्रतिदिन 40 लाख मानक घन मीटर गैस के लिए खरीदारों से बोलियां मांगी हैं।
निविदा दस्तावेज के अनुसार, कंपनी चाहती है कि उपयोगकर्ता ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत के अनुसार मूल्य उद्धृत (कोट) करें। कंपनी ने इस साल मई में अंतरराष्ट्रीय गैस बेंचमार्क जेकेएम के अनुसार गैस बेची थी।