भारत की एविएशन इंडस्ट्री में हाल ही में एंट्री करने वाली एयरलाइन आकाश एयर ने इस साल के अप्रैल से अपने पायलटों की संख्या में 30 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इस समय कंपनी के पास 450 पायलट हैं। इकॉनमिक टाइम्स (ET) की रिपोर्ट के मुताबिक, आकाश एयर के CEO विनय दुबे ने कहा है कि 2024-25 तक कंपनी का लक्ष्य पायलटों की संख्या दोगुना कर 900 तक पहुंचाना है।
आकाश एयर की तरफ से यह बयान ऐसे समय आया है जब एयरलाइन अपने उन पायलटों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही है, जिन्होंने अनिवार्य नोटिस पीरियड पूरा किए बिना कंपनी छोड़ दिया था।
CEO दुबे ने ET को बताया, ‘हमारे साथ कंपनी छोड़कर जाने वाले पायलटों के मुकाबले ज्यादा पायलट जुड़ रहे हैं। हमारे पास नौकरी छोड़ने की दर सबसे कम है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे पास बहुत सारे ऐसे पायलट हैं जो ट्रेनिंग के कई चरणों में हैं। हमारे पास 30 विमानों को उड़ाने के लिए पर्याप्त पायलट हैं, 20 विमान उड़ाने की बात तो छोड़ ही दी जाए।’
ET की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला के परिवार द्वारा प्रमोटेड, आकाश एयर अपने बेड़े में और विमान जोड़ने और मार्च 2024 तक इसे 28 तक ले जाने और अगले कुछ वर्षों तक हर साल 10-12 विमान जोड़ने की योजना बना रहा है।
आकाश के वकील ने एक अदालत में कहा कि एयरलाइन को अगस्त में लगभग 632 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और सितंबर में प्रति दिन 24 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि, दुबे ने कहा कि इससे दिसंबर 2023 में शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के ऑपरेशन सहित आकाश की ओवरऑल विस्तार योजनाओं को कोई नुकसान नहीं होगा।
पिछले हफ्ते, आकाश एयर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और एविएशन रेगुलेटर, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से उन पायलटों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया, जिन्होंने छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा किए बिना एयरलाइन छोड़ दी थी। इसके अलावा, आकाश ने पांच पायलटों के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में एक सिविल केस दायर किया है, जिसमें सामूहिक हर्जाने के रूप में 21 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
इसके बाद, कई एयरलाइनों के पायलटों ने सोशल मीडिया पर आकाश पर हमला बोला और अपने साथियों को आकाश में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी। हाल के इस्तीफों के बारे में बोलते हुए, CEO दुबे ने ईटी को बताया, ‘जब एक पायलट हमें रात 8 बजे बताता है कि वे अगली सुबह 9 बजे उड़ान भरने के लिए उपलब्ध नहीं होंगे, तो इसका उपभोक्ता पर बहुत अहम असर पड़ेगा। यात्रा करने वाली जनता प्रभावित होता है। साथ ही, जब कोई ऐसे स्वार्थ वाला काम करता है, तो इसका प्रभाव हमारे मौजूदा कर्मचारियों पर भी पड़ता है।’
ET की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन गतिविधियों से अवगत लोगों ने कहा कि आकाश ने कथित तौर पर 40 घंटे के मासिक कोटा से परे पायलट द्वारा उड़ाए गए प्रत्येक घंटे के लिए भुगतान को यानी ओवरटाइम पेमेंट को 10,000 रुपये से घटाकर 7,500 रुपये कर दिया है।
वेतन कटौती पर स्पष्टीकरण देते हुए, दुबे ने कहा, ‘किसी के लिए वास्तव में यह आरोप लगाना कि हमने वेतन के किसी भी हिस्से में कटौती की है, पूरी तरह से गलत है। मैं चाहूंगा कि कोई मुझे इस कैलकुलेशन के साथ वेतन चेक दिखाए कि उन्हें एक घंटे के लिए कम भुगतान किया गया है या एक घंटे की दर कम हो गई है। इसलिए मैं इस बात से स्पष्ट रूप से इनकार करता हूं कि किसी के वेतन या भत्ते में कटौती में कटौती की गई है।