अगर आपको लगता है कि Zomato और Swiggy सिर्फ रेस्त्रां का खाना आपके दरवाजे तक लाते हैं, तो रुकिए! इन दोनों दिग्गजों ने अब 10-15 मिनट की सुपरफास्ट डिलीवरी के लिए अपने अलग-अलग ऐप लॉन्च कर दिए हैं। लेकिन यह कदम रेस्त्रां मालिकों को रास नहीं आ रहा।
इकॉनमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) का कहना है कि Zomato और Swiggy रेस्त्रां के साथ-साथ खुद का ‘प्राइवेट लेबल’ बिजनेस भी चला रहे हैं। अब NRAI इस मुद्दे को लेकर प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) तक जाने की तैयारी में है।
‘बिस्ट्रो’ और ‘स्नैक’ पर हंगामा
Zomato ने अपने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit पर ‘बिस्ट्रो’ नाम का ऐप लॉन्च किया है, जबकि Swiggy ने ‘स्नैक’ नाम से ऐप उतारा है। ये ऐप स्नैक्स, मील्स और ड्रिंक्स 10-15 मिनट में डिलीवर करने का वादा करते हैं। NRAI का आरोप है कि इन ऐप्स के जरिए ये कंपनियां अपने प्राइवेट लेबल प्रोडक्ट्स बेच रही हैं, जिससे रेस्त्रां पार्टनर्स को नुकसान हो रहा है।
NRAI के अध्यक्ष और Wow Momo के सह-संस्थापक सागर दरयानी ने कहा, “हम Zomato और Swiggy के प्राइवेट लेबल्स और सीधे ग्राहकों को बेचने के सख्त खिलाफ हैं। ये कंपनियां चाय, बिरयानी और मोमोज जैसे प्रोडक्ट्स के जरिए ग्राहकों को अपने प्राइवेट ब्रांड्स की ओर खींच रही हैं।” दरयानी ने साफ कहा कि NRAI अब इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
15 मिनट की डिलीवरी की होड़
सिर्फ प्राइवेट लेबल ही नहीं, Zomato और Swiggy ने रेस्त्रां-आधारित फूड डिलीवरी को भी सुपरफास्ट बना दिया है। Swiggy का ‘बोल्ट मॉडल’ इसके कुल फूड ऑर्डर्स का 5% से ज्यादा योगदान करता है। वहीं, Zomato ने अपनी ऐप पर ’15 मिनट डिलीवरी’ का ऑप्शन भी जोड़ा है। इसमें तैयार खाने को चुने गए रेस्त्रां से 2 किलोमीटर के दायरे में डिलीवर किया जाता है।
NRAI का कहना है कि Zomato और Swiggy अब रेस्त्रां के साथ-साथ उनके प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं। संघ का मानना है कि यह छोटे और मध्यम स्तर के रेस्त्रां के लिए खतरनाक है। अब देखना होगा कि यह मामला CCI में क्या मोड़ लेता है।