सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड (एसटीईएल) ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ में करीब 60 करोड़ रुपये के निवेश से जिंक गैल्वनाइजिंग संयंत्र शुरू करने की बुधवार को घोषणा की।
कंपनी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, नए संयंत्र की वार्षिक गैल्वनीकरण क्षमता 96,000 मीट्रिक टन होगी। जिंक की परत के साथ स्टील या अन्य धातुओं की परत चढ़ाने को जिंक गैल्वनाइजेशन कहा जाता है। कंपनी का दावा है कि यह संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े संयंत्रों में से एक है।
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विभिन्न उद्योगों, खासकर बिजली पारेषण बुनियादी ढांचे, निर्माण तथा वाहन में उच्च गुणवत्ता वाले गैल्वेनाइज्ड उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड (एसटीईएल) के संयुक्त प्रबंध निदेशक शशांक अग्रवाल ने कहा कि नए जिंक गैल्वनाइजेशन संयंत्र की सफल शुरुआत उत्कृष्टता व नवाचार को लेकर कंपनी की प्रतिबद्धता का दर्शाता है।