शेयर बाजार की निगरानी करने वाली सेबी एक बार फिर एक्शन में आ गई है। इस बार निशाने पर है मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL)। सेबी ने कंपनी पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इसकी वजह स्टॉक ब्रोकिंग के नियमों की अनदेखी है।
कब और क्यों लगा जुर्माना?
सेबी ने अप्रैल 2021 से जून 2022 के बीच MOFSL का निरीक्षण किया और कई गड़बड़ियां पकड़ लीं। सबसे बड़ी दिक्कत मार्जिन रिपोर्टिंग और शॉर्ट-कलेक्शन में पाई गई। सेबी के मुताबिक, कंपनी ने उन नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया, जिनसे निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहता है।
62 पेज की रिपोर्ट में क्या है खास?
सेबी की 62 पेज लंबी रिपोर्ट में साफ कहा गया कि नियमों का उल्लंघन हुआ है, और इसके लिए 7 लाख रुपये का जुर्माना सही ठहराया गया है। सेबी के आदेश में कहा गया है कि ये जुर्माना नियम तोड़ने की गंभीरता के मुताबिक लगाया गया है और कंपनी को अब सुधार करने की जरूरत है।