वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोक सभा में कहा कि ‘गंभीर धोखाधड़ी अन्वेषण कार्यालय’ (SFIO) सहारा समूह की कंपनियों से संबंधित मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और इसकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीतारमण ने यह भी कहा कि सहारा समूह के पूरे मामलों की निगरानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की जा रही है और सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘यह सच है कि केवल छोटे निवेशक ही रिफंड का दावा करने के लिए आगे आए हैं। एसएफआईओ पूरे मामले की जांच कर रहा है। यह भी देख रहा है कि सभी निवेशक रिफंड का दावा करने के लिए आगे क्यों नहीं आए और वे कहां हैं।’
मंत्री ने कहा कि एसएफआईओ के विस्तृत विश्लेषण के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सहारा समूह की कंपनियों में 3.7 करोड़ निवेशक हैं और अब तक 19,650 लोग रिफंड का दावा करने के लिए किए हैं।