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सरकार ने एफडीआई नीति में किए बदलाव, स्टार्टअप में सीमा-पार निवेश बढ़ने की उम्मीद

विश्लेषकों का कहना है कि नीतिगत बदलाव से आईपीओ लाने की तैयारी कर रहीं स्टार्टअप कंपनियों का भी भरोसा बढ़ सकता है।

उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि भारत के प्रेस नोट 3 के निवेश संबंधित नियमों को आसान बनाने के कदम से नियामकीय दिक्कतें कम होने की उम्मीद है। इन नियमों ने 2020 से चीन के समर्थन वाली वेंचर फंडिंग को धीमा कर दिया था।

नियमों में बदलाव से स्टार्टअप कंपनियों को रुकी हुई पूंजी मिल सकती है, साथ ही रणनीतिक निवेश की जांच भी हो सकेगी। उद्योग के विश्लेषकों के मुताबिक, इन बदलावों से सीमा-पार से पूंजी प्रवाह फिर शुरू हो सकता है, टेक्नॉलजी स्टार्टअप्स के लिए फंड जुटाने की रफ्तार को मदद मिल सकती है और संभावित आईपीओ से पहले स्वामित्व की मुश्किलें कम हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एफडीआई नीति में महत्त्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। इससे लाभकारी स्वामित्व की परिभाषा तय करने में ज्यादा स्पष्टता मिलेगी। साथ ही, भारतीय सीमा से सटे देशों से ऑटोमैटिक रूट के तहत 10 प्रतिशत तक गैर-नियंत्रणकारी स्वामित्व वाले निवेश भी हो सकेंगे। बदले हुए ढांचे में कुछ खास विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश के लिए 60 दिन की त्वरित मंजूरी समय-सीमा भी शामिल है।

इस बदलाव से सीमा-पार विलय एवं अधिग्रहण, अल्पमत निवेश और पहले से रुके हुए फंडिंग राउंड आसान होने की उम्मीद है, खासकर उन स्टार्टअप्स के लिए जो पहले चीनी उद्यम पूंजी पर निर्भर रहे हैं।

टेक लॉ फर्म टेकलेजिस एडवोकेट्स ऐंड सॉलिसिटर्स के मैनेजिंग पार्टनर सलमान वारिस ने कहा, ‘अप्रूवल टाइमलाइन कम करने और छोटी हिस्सेदारी के लिए सरकारी जांच खत्म होने से इस नीति के जरिए सौदों की गतिविधियां फिर से शुरू हो सकती हैं और वैश्विक पूंजी तक पहुंच बेहतर बनेगी।’

कानूनी कंपनियों का कहना है कि उद्योग अब तक उसी 10 फीसदी सीमा का पालन कर रहा था, हालांकि सरकार की सफाई से कानूनी मान्यता मजबूत हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि नीतिगत बदलाव से आईपीओ लाने की तैयारी कर रहीं स्टार्टअप कंपनियों का भी भरोसा बढ़ सकता है, क्योंकि नियमों के स्पष्ट होने और पूंजी तक तेज पहुंच सुनिश्चित होने से निवेशक धारणा सुधरेगी।

भारत के अल्टरनेट कैपिटल इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे बड़ी इंडस्ट्री संस्था इंडियन वेंचर ऐंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) ने भी प्रेस नोट 3 फ्रेमवर्क के तहत भारत से सटे सरहदी देशों के निवेश को नियंत्रित करने वाले दिशा-निर्देशों में बदलाव करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

First Published : March 12, 2026 | 8:46 AM IST