देश की प्रमुख दवा विनिर्माता कंपनी सन फार्मा ने अमेरिका की न्यू जर्सी स्थित ऑर्गेनान ऐंड कंपनी का 11.75 अरब डॉलर में अधिग्रहण करने की आज घोषणा की। यह किसी भारतीय कंपनी द्वारा विदेश में किए गए सबसे बड़े अधिग्रहणों में से एक है। इस अधिग्रहण के पीछे सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज का मकसद चीन में व्यापक स्तर पर प्रवेश करना और खुद को उच्च स्तरीय वैश्विक दवा विनिर्माता के रूप में स्थापित करना है। इस सौदे के बाद सन दुनिया की शीर्ष 25 फार्मा कंपनियों में शामिल हो जाएगी और बायोसिमिलर के क्षेत्र में सातवीं सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी।
यह सौदा दुनिया के दूसरे सबसे बड़े फार्मा बाजार चीन में सन की पहुंच बढ़ाएगा और साथ ही 150 से अधिक देशों में कंपनी की पैठ को और मजबूत करेगा।न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर सन फार्मा का शेयर 10.09 फीसदी बढ़त पर बंद हुआ, जो 30 जुलाई, 2021 के बाद इसकी एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त है।
सन फार्मा के कार्यकारी चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा, ‘यह सौदा सन फार्मा के लिए लोगों तक पहुंचने और उनके जीवन को प्रभावित करने के दृष्टिकोण पर आगे बढ़ने का एक महत्त्वपूर्ण अवसर है। ऑर्गेनॉन का पोर्टफोलियो, क्षमताएं और वैश्विक पहुंच हमारे लिए पूरक हैं।’
सन फार्मा के मुख्य परिचालन अधिकारी आलोक सांघवी ने इस सौदे को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह सौदा सन के विलय और अधिग्रहण दृष्टिकोण में निरंतरता को दर्शाता है।
सन ने पहले भी इसी तरह की रणनीति अपनाई है। 2014 में जब रैनबैक्सी लैबोरेटरीज का अधिग्रहण किया गया था तो वह आय के मामले में सन से बड़ी कंपनी थी और इस सौदे में जटिलता भी थी।
सन फार्मा की आय उस समय करीब 11,300 करोड़ रुपये थी जबकि रैनबैक्सी की आय 12,400 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने इसका अधिग्रहण लगभग 80 करोड़ डॉलर के कर्ज देनदारी सहित लगभग 4 अरब डॉलर में किया था।
ऑर्गेनन के अधिग्रहण के बाद सन की आय 6.2 अरब डॉलर से बढ़कर 12.4 अरब डॉलर हो जाएगी और एबिटा तथा मुक्त नकदी प्रवाह भी करीब दोगुना हो जाएगा। यह वैश्विक स्तर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में शीर्ष तीन कंपनियों में से एक और सातवीं सबसे बड़ी बायोसिमिलर कंपनी के रूप में भी उभरेगी।
सन फार्मा को बायोसिमिलर खंड में व्यापक स्तर पर प्रवेश मिलेगा जो उसके नवोन्मेषी दवाओं के पोर्टफोलियो को बढ़ाने की उसकी रणनीति के अनुरूप है। कंपनी की कुल आय में इसका योगदान करीब 27 फीसदी हो सकता है।
सन फार्मा के प्रबंध निदेशक कीर्ति गनोरकर ने कहा कि इस सौदे से कंपनी के नए उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पेश करने की क्षमता बढ़ेगी और समय के साथ आय बढ़ाने के नए अवसर भी मिलेंगे।
बायोसिमिलर और नवाचार से परे, चीन इस सौदे का महत्त्वपूर्ण पहलू है। ऑर्गेनान चीन के 150 अरब डॉलर के बाजार में सालाना 5 से 7 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। इसके आठ बड़े ब्रांड और व्यापक वाणिज्यिक नेटवर्क है। इससे सन फार्मा को अपने उत्पाद सीधे तौर पर बाजार में लाने में मदद मिलेगी और उसे विभिन्न बाजारों में भागीदारों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
अधिग्रहण के बाद एकीकृत इकाई की आय में अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी 27 फीसदी होगी, उभरते बाजार से 29 फीसदी, भारत से 17 फीसदी और यूरोप एवं अन्य बाजारों से करीब 28 फीसदी आय प्राप्त होगी। एकीकृत इकाई 150 से अधिक देशों में काम करेगी, चीन और दक्षिण कोरिया सहित लगभग 10 नए बाजारों को जोड़ेगी। कुल 18 बाजारों में 10 करोड़ डॉलर से अधिक का आय होगा, जो कंपनी की किसी एक बाजार पर अत्यधिक निर्भरता का जोखिम कम करेगा।
यह सौदा 14 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर पूरी तरह से नकद में होगा। सौदे के तहत ऑर्गेनॉन का उद्यम मूल्य 11.75 अरब डॉलर आंका गया है। कंपनी इस सौदे के लिए 2 अरब से 2.5 अरब डॉलर आंतरिक संसाधनों से और 9.25 अरब से 9.75 अरब डॉलर कर्ज से जुटाएगी।
सांघवी ने कहा, ‘हम बड़ी मात्रा में ऋण लेंगे लेकिन संयुक्त एबिटा के संदर्भ में यह वर्तमान मानकों के अनुसार बहुत बड़ा नहीं, लगभग 2.3 गुना है।’ उन्होंने कहा कि कंपनी तेजी से ऋण घटाने को प्राथमिकता देगी। ऑर्गेनॉन की आय पिछले तीन वर्षों में काफी हद तक 6.2अरब से 6.3 अरब डॉलर पर सपाट रहा है, जिसमें केवल 1 से 2 फीसदी की वृद्धि हुई है।