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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शहरों की कनेक्टिविटी पर्याप्त, भविष्य में रेल लिंक की जरूरत

एनआईए से सोमवार से उड़ानें शुरू होंगी और यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दूसरा बड़ा वाणिज्यिक हवाईअड्डा बन जाएगा, जो बढ़ती यात्री मांग को पूरा करेगा

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दीपक पटेल   
Last Updated- June 13, 2026 | 10:58 AM IST

नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट (एनआईए) और आसपास के शहरों तथा कस्बों के बीच सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी फिलहाल अपेक्षित यात्रियों की संख्या के लिहाज से पर्याप्त है और जैसे-जैसे यात्री बढ़ेंगे अतिरिक्त सड़कें और रेल सेवाएं जोड़ी जाएंगी, यह बात एनआईए के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ श्नेलमन ने शुक्रवार को कही।

कुछ सप्ताह पहले, इंडिगो एयरलाइन ने एयरपोर्ट्स इकॉनमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (एईआरए) को जानकारी दी थी कि दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो नेटवर्क, बसों और हाइवे के माध्यम से व्यापक कनेक्टिविटी का लाभ लेता है लेकिन ऐसी परिवहन सुविधाएं एनआईए के लिए उपलब्ध नहीं है। इस विमानन कंपनी ने कहा था कि इससे यात्रियों को हवाईअड्डे तक पहुंचने में अधिक खर्च करना पड़ सकता है, साथ ही अधिक एयरपोर्ट शुल्क के कारण हवाई किराये में भी वृद्धि हो सकती है।

बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में श्नेलमैन ने कहा, ‘मुझे लगता है एयरपोर्ट बहुत अच्छी तरह जुड़ा हुआ है और यमुना एक्सप्रेसवे के बिलकुल पास मौजूद है। जब तक रेल कनेक्टिविटी स्थापित नहीं होती, एक्सप्रेसवे ही मुख्य मार्ग बना रहेगा। हम यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत सावधानी से काम कर रहे हैं कि हर बजट वर्ग के यात्री के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो।’

एनआईए से सोमवार से उड़ानें शुरू होंगी और यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दूसरा बड़ा वाणिज्यिक हवाईअड्डा बन जाएगा, जो बढ़ती यात्री मांग को पूरा करेगा।

श्नेलमैन ने कहा कि इस हवाईअड्डे ने यात्रियों के लिए कई विकल्प सुनिश्चित किए हैं, जिनमें राज्य सरकार की बसें, ऐप आधारित टैक्सियां, प्रीमियम टैक्सी सेवाएं और एनसीआर तथा आगरा के प्रमुख स्थानों से कनेक्ट करने वाली कोच सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारी कनेक्टिविटी यात्रियों की अपेक्षित संख्या के लिए पर्याप्त है।’

साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि जैसे-जैसे एयरपोर्ट बढ़ेगा अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी। एनआईए  ने सालाना 7 करोड़ यात्रियों तक संचालन के लिए मास्टर प्लान पेश किया है, जिसके लिए अंततः रेल आधारित कनेक्टिविटी, जैसे क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य मास ट्रांजिट लिंक की जरूरत होगी।

आरआरटीएस कनेक्शन की समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर श्नेलमैन ने कहा कि अगले तीन से चार वर्षों में परियोजना में महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई देगी लेकिन इस अवधि में इसे पूरी तरह से संचालन में लाना संभव नहीं होगा।

ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल की सहायक कंपनी एनआईए ने कहा है कि वह इस साल की शुरुआत में एईआरए  को दिए गए यात्री यातायात अनुमानों पर कायम है। हालांकि, उसने माना कि पश्चिम एशिया में हाल में हुए संघर्ष के कारण भविष्य का अनुमान लगाना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। एनआईए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नीतू समरा ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि एयरपोर्ट के संचालन के पहले वित्त वर्ष में यात्री संख्या करीब 50 से 55 लाख के बीच रहेगी।’

First Published : June 13, 2026 | 10:57 AM IST