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Suzlon Energy Q4 Results: मुनाफा मामूली घटकर ₹1,114 करोड़ रहा, लेकिन सालाना कमाई ने तोड़े रिकॉर्ड

सुजलॉन एनर्जी का चौथी तिमाही का मुनाफा मामूली घटकर 1,114 करोड़ रुपये रहा, लेकिन पूरे वित्त वर्ष का मुनाफा बढ़कर 3,163 करोड़ रुपये पहुंच गया है

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ऋषभ राज   
Last Updated- May 25, 2026 | 4:58 PM IST

विंड एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (मार्च तिमाही) के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 5.6 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर 1,114 करोड़ रुपये रह गया है। मुनाफे में आई इस कमी की मुख्य वजह कंपनी को मिलने वाले डेफर्ड टैक्स क्रेडिट (आस्थगित कर लाभ) में आई कमी को माना जा रहा है। पिछले साल इसी तिमाही (मार्च 2025) में कंपनी का मुनाफा 1,181 करोड़ रुपये रहा था।

टैक्स आंकड़ों पर नजर डालें तो इस तिमाही में सुजलॉन एनर्जी को 284.32 करोड़ रुपये का डेफर्ड टैक्स बेनिफिट मिला, जो पिछले साल की समान अवधि में मिले 600.75 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है। हालांकि, टैक्स के मोर्चे पर राहत कम होने के बावजूद कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन में शानदार तेजी देखी गई है। मार्च तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस रेवेन्यू (कामकाज से होने वाली आय) भारी उछाल के साथ 5,468 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 3,774 करोड़ रुपये था।

चौथी तिमाही में कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) सालाना आधार पर करीब 39 फीसदी बढ़कर 964 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 693 करोड़ रुपये था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का EBITDA बढ़कर 3,022 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

मार्जिन के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा; जहां इस तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 17.6 प्रतिशत रहा, वहीं पूरे साल के लिए यह सुधरकर 18.1 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) में 17.1 प्रतिशत था।

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FY26 कंपनी के लिए रहा बेहतर

भले ही चौथी तिमाही के मुनाफे में हल्की गिरावट दिखी हो, लेकिन अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की बात करें तो सुजलॉन एनर्जी का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा है। पूरे साल के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 3,163 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले साल केवल 2,072 करोड़ रुपये था। इसी तरह कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी 10,851 करोड़ रुपये से छलांग लगाकर सीधे 16,679 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

कंपनी के मैनेजमेंट ने इन नतीजों पर भरोसा जताते हुए कहा है कि सुजलॉन के पास भविष्य के लिए एक बेहतरीन रोडमैप तैयार है। ग्रुप के वाइस चेयरमैन गिरीश तांती के मुताबिक, दुनिया अब बिजली के युग में कदम रख चुकी है, जहां घरेलू स्तर पर ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) का रुख तेजी से किया जा रहा है। भारत में भी बिजली की मांग अपने पीक पर है, जिससे विंड एनर्जी की अहमियत काफी बढ़ गई है।

उन्होंने बताया कि कंपनी के फ्लैगशिप S144 प्लेटफॉर्म को अब तक लगभग 9 गीगावॉट (GW) के कुल ऑर्डर मिल चुके हैं। वहीं, पिछले तीन सालों में विंड टरबाइन जनरेटर (WTG) बिजनेस ने 55 फीसदी की शानदार सीएजीआर (CAGR) ग्रोथ दर्ज की है।

First Published : May 25, 2026 | 4:58 PM IST