facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

भारत में एक और iphone प्लांट खरीदने की योजना बना रहा Tata ग्रुप, Pegatron के साथ चल रही बातचीत!

Tata iPhone plant India: टाटा समूह इस संयुक्त उद्यम में कम से कम 65% हिस्सेदारी रखेगा।

Last Updated- April 08, 2024 | 5:32 PM IST
Disruption at Pegatron plant unlikely to affect iPhone production in India

पेगाट्रॉन, ताइवान की एक कंपनी जो एप्पल के लिए आईफोन बनाती है, भारत में अपना एकमात्र आईफोन कारखाना टाटा समूह को सौंपने की बातचीत कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह सौदा एप्पल की मंजूरी से हो रहा है। सौदे की शर्तों के अनुसार, टाटा समूह और पेगाट्रॉन एक संयुक्त उद्यम (joint venture) बनाएंगे।

65% हिस्सेदारी रखेगा टाटा ग्रुप

सूत्रों के मुताबिक, टाटा समूह इस संयुक्त उद्यम में कम से कम 65% हिस्सेदारी रखेगा। पेगाट्रॉन बाकी 35% हिस्सेदारी रखेगा और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा। यह कारखाना दक्षिणी भारत के तमिलनाडु राज्य में चेन्नई शहर के पास स्थित है।

सूत्रों ने बताया, टाटा समूह टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से पेगाट्रॉन के साथ संयुक्त उद्यम (joint venture) संचालित करेगा। पेगाट्रॉन इंडिया फैक्ट्री में लगभग 10,000 कर्मचारी हैं और यह सालाना 5 मिलियन आईफोन बनाती है।

पेगाट्रॉन ने पिछले साल चीन में अपना एक आईफोन कारखाना लक्सशेयर को बेच दिया था। यह सौदा 290 मिलियन डॉलर में हुआ था। इस सौदे के बाद, पेगाट्रॉन के पास भारत में ही एकमात्र आईफोन कारखाना बचा है।

टाटा समूह और पेगाट्रॉन ने अभी तक इस समझौते पर कोई कॉमेंट नहीं किया है। एप्पल ने भी इस समझौते पर कॉमेंट करने से इनकार कर दिया है। सूत्रों ने इस समझौते के वित्तीय विवरणों का खुलासा नहीं किया है।

Also Read: Bajaj Finance ने FD दरों में की बढ़ोतरी, जानें अलग-अलग अवधि में कितना मिलेगा लाभ!

कर्नाटक में iPhone असेंबली प्लांट संचालित करता है टाटा ग्रुप

टाटा वर्तमान में कर्नाटक में एक iPhone असेंबली प्लांट संचालित करता है, जिसे पिछले साल विस्ट्रॉन से अधिग्रहित किया गया था, और तमिलनाडु के होसुर में एक और निर्माण कर रहा है, जहां पेगाट्रॉन इसका भागीदार बन सकता है।

पेगाट्रॉन चेन्नई में एक आईफोन फैक्ट्री भी बना रहा है। टाटा और पेगाट्रॉन के बीच चल रही बातचीत में संभावित रूप से पेगाट्रॉन की चेन्नई सुविधा का अधिग्रहण भी शामिल है। इन चर्चाओं के छह महीने के भीतर समाप्त होने की उम्मीद है, जिसमें पेगाट्रॉन इंडिया के सभी कर्मचारी संयुक्त उद्यम में ट्रांसफर हो जाएंगे।

भारत में Apple  के तीन कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर हैं

भारत में Apple के iPhone कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर टाटा, पेगाट्रॉन और फॉक्सकॉन हैं। भारत में एप्पल की बढ़ती उपस्थिति में टाटा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस साल कुल iPhone शिपमेंट में भारत की हिस्सेदारी 20-25% होगी, जो पिछले साल 12-14% थी।

भारत सहित अपने Apple व्यवसाय में Pegatron की कम भागीदारी के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं। पेगाट्रॉन ने पहले कहा था कि उसके चीन प्लांट को बेचने का उद्देश्य अपने व्यापार संचालन को बढ़ाने के लिए पूंजी जुटाना था। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

First Published - April 8, 2024 | 5:32 PM IST

संबंधित पोस्ट