मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अब टाटा ग्रुप का भी नाम जुड़ने जा रहा है। टाटा ग्रुप ने इस मशहूर मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में ₹500 करोड़ (करीब 61 मिलियन डॉलर) का बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, इस निवेश के बाद टाटा ग्रुप अस्पताल का सबसे बड़ा फाइनेंशियल पार्टनर बन जाएगा।
इस डील के तहत टाटा ग्रुप को अस्पताल के 14-सदस्यीय बोर्ड में तीन सीटें मिलेंगी। खास बात यह है कि 1 अक्टूबर 2025 से टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन अस्पताल के ट्रस्ट के चेयरमैन बन जाएंगे। वह दीपक पारेख की जगह लेंगे।
ब्रीच कैंडी का नाम बदलेगा?
अस्पताल का नाम तो वही रहेगा, लेकिन अब इसमें टाटा ब्रांड जुड़ सकता है। यानी आगे चलकर इसे “ब्रीच कैंडी, ए टाटा सन्स एसोसिएट” के नाम से जाना जा सकता है।
अस्पताल की होगी जबरदस्त अपग्रेडेशन!
इस निवेश से अस्पताल की इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को और आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें नए मेडिकल इक्विपमेंट खरीदे जाएंगे, टेक्नोलॉजी अपग्रेड होगी और हो सकता है कि एक नई बिल्डिंग भी बने। यह मुंबई में टाटा ग्रुप का तीसरा हेल्थकेयर प्रोजेक्ट होगा। इससे पहले टाटा मेमोरियल सेंटर और एक एनिमल हॉस्पिटल को भी टाटा ग्रुप ने बनाया था।
रतन टाटा और ब्रीच कैंडी का पुराना नाता
ब्रीच कैंडी अस्पताल से रतन टाटा का जुड़ाव बहुत पुराना है। अस्पताल के मैनेजिंग ट्रस्टी उदय किलाचंद ने बताया, “रतन टाटा इस अस्पताल के बड़े प्रशंसक रहे हैं। वह अपनी हेल्थ से जुड़ी ज़रूरतों के लिए यहां के डॉक्टरों और नर्सों पर भरोसा करते थे। उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स के जरिए इस अस्पताल को पहले भी मदद दी थी, लेकिन अब यह रिश्ता और आधिकारिक हो गया है।”
अदाणी, रिलायंस से मुकाबला! हेल्थ सेक्टर में बढ़ी टक्कर
टाटा ग्रुप का यह कदम तब आया है, जब अदाणी ग्रुप मुंबई में 1,000-बेड का बड़ा अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाने जा रहा है। इसके अलावा, रिलायंस, हिंदुजा, बिड़ला और रहेजा ग्रुप भी हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा दांव खेल रहे हैं।