कारोबार विभाजन और शेयर बाजार में अलग से सूचीबद्धता के बाद टाटा मोटर्स का वाणिज्यिक वाहन कारोबार अब वृद्धि के लिए वाहन बिक्री से आगे की योजना बना रही है। पुर्जे, सेवा, कनेक्टेड-व्हीकल प्लेटफॉर्म और डिजिटल कारोबार मुनाफे के मुख्य संचालक के रूप में उभर रहे हैं। उद्योग चक्र पर निर्भरता कम करने के लिए कंपनी ऐसा कर रही है।
यह रणनीति ऐसे समय में सामने आई है, जब देश की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता इस बात के आसार जता रही है कि वित्त वर्ष 2027 में उद्योग की वृद्धि पिछले साल के जोरदार सुधार के बाद कुछ धीमी पड़ सकती है। हालांकि आधारभूत ढांचे पर खर्च, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक के आधुनिकीकरण जैसे दीर्घकालिक मांग के संचालक बरकरार हैं।
कंपनी की वित्त वर्ष 26 की वार्षिक रिपोर्ट में प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी गिरीश वाघ ने कहा, ‘वैकल्पिक इंजनों, डिजिटल सेवाओं और कलपुर्जों व सेवाओं से कमाई में अवसर अहम बने हुए हैं।’ कंपनी ने कहा कि उसके गैर-चक्रीय कारोबारों ने वित्त वर्ष 26 में 18.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और लाभ में पुर्जों तथा सेवाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है। टाटा मोटर्स वाहन फ्लूइड्स, एग्रीगेट्स और फ्लीटकेयर जैसे नए कारोबारों का भी विस्तार कर रही है। साथ ही वह अपने डिजिटल तंत्र को भी मजबूत कर रही है।
कंपनी का टेलीमैटिक्स प्लेटफॉर्म फ्लीट एज 10 लाख कनेक्टेड वाहनों को पार कर चुका है, जबकि उसके डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लीट वर्स में वाहन बिक्री, बुकिंग और ग्राहकों पूछताछ में इजाफा देखा गया है। वाघ ने कहा, ‘इस अवधि के दौरान हमारा ध्यान रणनीतिक रूप से प्रतिक्रिया करने पर नहीं, बल्कि मूल बातों पर टिके रहने पर था यानी निष्पादन अनुशासन बनाए रखना, ग्राहक संबंधों की रक्षा करना और बदलती मांग के संकेतों के साथ आपूर्ति को उसके अनुरूप बनाना।’ कंपनी भविष्य की इंजन प्रौद्योगिकियों पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रही है, क्योंकि वाणिज्यिक वाहन उद्योग पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में बढ़ रह है।
चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा मोटर्स ‘डिजिटल की अगुआई वाले समाधानों, कनेक्टेड वाहन प्रौद्योगिकियों, ड्राइवर की सहायता करने वाली आधुनिक प्रणाली, डेटा-संचालित फ्लीट सेवाओं और नई-युग के इंजनों में निवेश जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है, वहीं भारी-भरकम अनुप्रयोगों के लिए हाइड्रोजन-आधारित प्रौद्योगिकियों में भी निवेश करेगी।
वित्त वर्ष 26 के दौरान टाटा मोटर्स ने बसों, ट्रकों और छोटे वाणिज्यिक वाहनों में अपने इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन पोर्टफोलियो का विस्तार किया। साथी ही चुनिंदा फ्रेट कॉरिडोर पर हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रकों की प्रायोगिक तैनाती पर भी काम आगे बढ़ाया।