टाटा स्टील का लक्ष्य अगले साल दिसंबर तक अपनी कलिंग नगर परियोजना के विस्तार को पूरा करने का है। कंपनी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। कंपनी ने 23,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 30 लाख टन सालाना से 80 लाख टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता तक पहुंचने के लिए नवंबर, 2018 में ओडिशा में अपनी कलिंग नगर परियोजना के विस्तार के दूसरे चरण की शुरुआत की थी।
टाटा स्टील कलिंग नगर (टीएसके) के उपाध्यक्ष (परिचालन) राजीव कुमार ने कहा, ‘‘हम इस परियोजना को अगले साल दिसंबर के अंत तक पूरा करने और चालू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि नया ब्लास्ट फर्नेस 5,870 घन मीटर (सीयूएम) की आंतरिक मात्रा के साथ देश में सबसे बड़ा होगा।
कुमार ने कहा कि परियोजना के दूसरे चरण के विस्तार से देश में वाहन, सामान्य इंजीनियरिंग, तेल और गैस, उत्खनन और अन्य मूल्यवर्धित क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए संयंत्र में फ्लैट स्टील का उत्पादन बढ़ेगा। विस्तार परियोजना की स्थिति पर उपाध्यक्ष ने कहा कि आज तक लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष 20 प्रतिशत भी प्रगति पर है।
कलिंग नगर इकाई में 80 लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता के साथ टाटा स्टील की भारत में परिचालन की कुल उत्पादन क्षमता 2.66 करोड़ टन सालाना हो जाएगी। कंपनी के पास अपने जमशेदपुर संयंत्र में 1.2 करोड़ टन प्रति वर्ष (उषा मार्टिन से प्राप्त 10 लाख टन प्रति वर्ष सहित), ढेंकनाल में टाटा स्टील मेरामंडली (पूर्व में टाटा स्टील बीएसएल) में 56 लाख टन और कलिंग नगर में एनआईएनएल की 10 लाख टन सालाना की उत्पादन क्षमता है।
विस्तार परियोजना के महत्व के बारे में पूछने पर कुमार ने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकियां स्थापित करने के साथ कलिंग नगर संयंत्र दुनिया में सबसे किफायती इस्पात उत्पादकों में शामिल हो जाएगा।