टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के कई कर्मचारियों को जुलाई-सितंबर तिमाही में वेरिएबल पे कटौती का सामना करना पड़ा है। कंपनी के वर्क फ्रॉम ऑफिस नियमों का पालन करने के बावजूद कर्मचारियों का वेरिएबल पे घटाया गया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, बिजनेस में मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।
खबर के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को उनके तिमाही वैरिएबल पे का सिर्फ 20-40 प्रतिशत ही मिला, जबकि कुछ को तो शून्य प्रतिशत तक भुगतान किया गया। यह पिछले तिमाही में दिए गए 70 प्रतिशत पेआउट के मुकाबले काफी कम है।
TCS में अब ऑफिस से काम करना अनिवार्य होने के साथ-साथ कर्मचारियों का वेरिएबल पेआउट कंपनी के अलग-अलग बिजनेस यूनिट की परफॉर्मेंस पर भी निर्भर करेगा। इस फैसले से पता चलता है कि कंपनी को मौजूदा समय में मांग में कमी और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर टियर-I आईटी कंपनियों की ग्रोथ पर भी पड़ा है।
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Q2FY25 में TCS का रेवेन्यू सालाना आधार पर 5.5 प्रतिशत बढ़कर 64,259 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 11,909 करोड़ रुपये रहा।
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, TCS के एक प्रवक्ता ने कहा, “Q2FY25 के लिए हमने कंपनी के सभी जूनियर ग्रेड्स को 100% क्वार्टरली वेरिएबल अलाउंस (QVA) का भुगतान किया है। अन्य सभी ग्रेड्स के लिए, QVA उनकी यूनिट के बिजनेस परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। यह सभी तिमाहियों में हमारी मानक प्रक्रिया के अनुसार है।”
TCS की नई अटेंडेंस पॉलिसी
अप्रैल 2024 में TCS ने अपनी नई अटेंडेंस पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत कर्मचारियों को पूरा क्वार्टरली बोनस पाने के लिए ऑफिस में कम से कम 85 प्रतिशत अटेंडेंस देना जरूरी होगा। अगर कोई लगातार इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ डिसिप्लिनरी एक्शन भी लिया जा सकता है।
इस पॉलिसी के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की ऑफिस में अटेंडेंस 75 से 85 प्रतिशत के बीच रहेगी, उन्हें उनके वेरिएबल पे का 75 प्रतिशत मिलेगा। वहीं, जिनकी अटेंडेंस 60 से 75 प्रतिशत होगी, उन्हें सिर्फ 50 प्रतिशत वेरिएबल पे मिलेगा। 60 प्रतिशत से कम अटेंडेंस वाले कर्मचारियों को क्वार्टरली बोनस नहीं दिया जाएगा।
कैसा रहा TCS Q2 रिजल्ट?
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर ग्राहकों द्वारा गैर-जरूरी खर्च में कटौती और भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर पड़ा, जिससे कंपनी का प्रदर्शन चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में धीमा रहा। इस दौरान, TCS का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 5% बढ़कर 11,909 करोड़ रुपये रहा, जबकि पहली तिमाही की तुलना में यह 1.08% घटा। दूसरी तिमाही में कंपनी की आय 7.6% बढ़कर 64,259 करोड़ रुपये रही, जो कि ब्लूमबर्ग के अनुमान से बेहतर आया, लेकिन शुद्ध मुनाफा अनुमान से कम रहा।