कंपनियां

US में TCS की हार! ट्रेड सीक्रेट्स विवाद ने बढ़ाई टाटा कंपनी की मुश्किलें, अब चुकाने होंगे करोड़ों डॉलर

US सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने पर TCS को ट्रेड सीक्रेट्स मामले में 70 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त झटका लगा, जिससे कुल देनदारी 220 मिलियन डॉलर पहुंच गई।

Published by
एजेंसियां   
Last Updated- June 16, 2026 | 11:46 AM IST

TCS Lawsuit: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को अमेरिका में चल रहे ट्रेड सीक्रेट्स विवाद में बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया है, जिसके बाद TCS को इस मामले में 70 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त एकमुश्त खर्च दर्ज करना पड़ेगा। इसके साथ ही इस मामले में कंपनी की कुल वित्तीय देनदारी करीब 220 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है।

TCS ने सोमवार को बताया कि वह वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 70 मिलियन डॉलर का एकमुश्त असाधारण खर्च (Exceptional Charge) दर्ज करेगी। इस राशि में हर्जाना, ब्याज और कानूनी खर्च शामिल हैं।

कंपनी पहले ही इस मामले के लिए 150 मिलियन डॉलर का प्रावधान कर चुकी थी। नए प्रावधान के बाद कुल वित्तीय प्रभाव बढ़कर 220 मिलियन डॉलर हो जाएगा।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून को उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आईटी कंपनी DXC टेक्नोलॉजी के पक्ष में 168 मिलियन डॉलर का हर्जाना तय किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम के बाद TCS के लिए कानूनी राहत के रास्ते लगभग बंद हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद वर्ष 2019 में दायर एक मुकदमे से जुड़ा है। DXC टेक्नोलॉजी की पूर्ववर्ती कंपनी कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन (CSC) ने डलास की संघीय अदालत में आरोप लगाया था कि TCS ने बीमा कंपनी ट्रांसअमेरिका के लगभग 2,200 कर्मचारियों को नियुक्त किया और उनके आंतरिक एक्सेस का इस्तेमाल कर जीवन बीमा क्षेत्र के लिए प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म विकसित किया।

DXC का दावा था कि इस प्रक्रिया में उसके व्यापारिक रहस्यों और गोपनीय जानकारी का अनुचित उपयोग किया गया।

साल 2023 में जूरी ने TCS को जानबूझकर ट्रेड सीक्रेट्स के दुरुपयोग का दोषी मानते हुए 210 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने की सिफारिश की थी। हालांकि, अमेरिकी जिला न्यायाधीश ब्रैंटली स्टार ने बाद में इस राशि को घटाकर 168 मिलियन डॉलर कर दिया।

इसमें 56 मिलियन डॉलर प्रतिपूरक (Compensatory) और 112 मिलियन डॉलर दंडात्मक (Punitive) हर्जाने के रूप में शामिल थे। वर्ष 2025 में पांचवें अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने भी इस फैसले को सही ठहराया था।

TCS ने फैसले को दी थी चुनौती

TCS का तर्क था कि DXC को अनुचित लाभ (Unjust Enrichment) के आधार पर हर्जाना नहीं मिलना चाहिए था, क्योंकि उसने वास्तविक आर्थिक नुकसान साबित नहीं किया। कंपनी ने दंडात्मक हर्जाने की राशि को भी अत्यधिक बताया था।

वहीं DXC ने अदालत से कहा था कि निचली अदालतों के फैसले में किसी अतिरिक्त समीक्षा की आवश्यकता नहीं है।

हालांकि यह राशि TCS की वित्तीय स्थिति के मुकाबले सीमित मानी जा रही है। कंपनी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 13,718 करोड़ रुपये (करीब 1.45 अरब डॉलर) रहा था। फिर भी यह मामला कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी और वित्तीय चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

First Published : June 16, 2026 | 11:46 AM IST